मेरठ जनपद में बसपा जिला कार्यालय पर मंगलवार को मंडल कोआर्डिनेटर शमसुद्दीन राईन के सामने ही कई पार्टी नेताओं में हाथापाई और मारपीट हो गई। काफी हंगामे के बाद बैठक को बीच में ही स्थगित करना पड़ा। बसपा के सिवालखास विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष विकास रोहटा ने पूर्व जिलाध्यक्ष योगेंद्र जाटव पर मारपीट करने और रिवॉल्वर तानने का आरोप लगाया।
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यह मामला पार्टी हाईकमान तक पहुंचा तो पूर्व जिलाध्यक्ष योगेंद्र जाटव, डॉ. सुभाष ढिंडाला और प्रबुद्ध जाटव को निष्कासित कर दिया गया। इन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में भी शामिल रहने का आरोप है।
शमसुद्दीन राईन इस बैठक में विधानसभा चुनाव में हुई हार पर मंथन कर रहे थे। इसी दौरान योगेंद्र जाटव, पूर्व पार्षद प्रमोद खंडोली, सुभाष प्रधान और प्रबुद्ध सहित अन्य पहुंचे। उन्होंने चुनाव में करारी हार के लिए जिलाध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। बसपा के सिवालखास विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष विकास रोहटा ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्ष भिड़ गए।
हाईकमान ने की है कार्रवाई : मोहित जाटव
जिला अध्यक्ष मोहित जाटव का कहना है कि योगेंद्र जाटव और उनके सहयोगी हर बार पार्टी कार्यालय पर पहुंचकर विरोध जताते रहे हैं। कई बार पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार कर चुके हैं। अब भी हंगामा किया गया। मारपीट और रिवॉल्वर तानी गई। इस मामले की रिपोर्ट पर हाईकमान ने तीन का निष्कासन किया है।
न मारपीट की और न ही पास में थी रिवॉल्वर : योगेंद्र जाटव
योगेंद्र जाटव का कहना है कि हमने किसी से मारपीट नहीं की और न ही उस समय उनके पास रिवॉल्वर थी। पार्टी के जिला अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी पुराने कार्यकर्ताओं को बैठक की सूचना भी नहीं देते हैं। इन हालात में एक दिन बसपा कार्यालय पर ताला ही लग जाएगा।