मेरठ के लावड़ में चिंदौड़ी गांव में शनिवार शाम बसपा नेता मनोज की हत्या के मामले में पुलिस सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देख आरोपियों की पहचान करने में जुट गई है। वहीं, रविवार को गमगीन माहौल में मनोज के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बसपा नेता हत्याकांड में बड़ा खुलासा: सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए आरोपी, पहचान कराने में जुटी पुलिस
बसपा नेता मनोज की हत्या के पीछे की कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म की तरह है। वर्ष 2008 में फहीमपुर जिला मुजफ्फरनगर निवासी अमित की लावड़-चिंदौड़ी मार्ग पर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। उस दौरान उसका बेटा अतुल छोटा था। इस हत्या में मनोज विहान पर मुखबरी करने का आरोप लगा था। हालांकि, यह मुकदमा खारिज हो चुका है, लेकिन अतुल तभी से रंजिश रखता था।
मनोज के भतीजे रिंकू ने एसएसपी को बताया कि आए दिन अतुल उनके घर पर लगे शटर पर हाथ मारता रहता था और एक-दो बार उसने घर पर गोली भी चलाई। शनिवार को अतुल ने अपने दो अज्ञात साथियों के साथ हरेंद्र के घर पर बैठे मनोज की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। उसने फिल्मी स्टाइल में वारदात को अंजाम दिया। बचपन में पिता का साया सिर से उठने के बाद अतुल के मन को गहरा आघात लगा। तभी से वह अपने पिता की हत्या का बदला लेने की ठान चुका था।
चिंदौड़ी निवासी मनोज शनिवार देर शाम गांव निवासी हरेंद्र के मकान पर गया था। चाय पीने के दौरान वहां पहुंचे अतुल ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर मनोज पर फायरिंग कर दी। उसकी मौके पर मौत हो गई। हमलावर बाइकों पर सवार होकर भाग निकले। इस मामले में एक ग्रामीण के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर पुलिस ने कब्जे में ली थी।
रविवार को बसपा जिलाध्यक्ष मोहित जाटव परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। दी। उन्होंने कहा कि मेरठ में जंगलराज कायम हो चुका है। इसके अलावा रालोद कार्यकर्ता भी परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
आरोपी के घर पर पसरा सन्नाटा
मनोज की हत्या के बाद आरोपी अतुल अपने साथियों के साथ फरार है। रविवार को उसके घर पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं हत्या के बाद से ग्रामीण डरे हुए हैं। दूसरे दिन भी ग्रामीण अपने घरों से कम ही बाहर निकले और बच्चों को घर में ही कैद रखा। गलियां सूनी पड़ी रहीं।