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यूपी: बेटों से कम नहीं बेटियां, दिन निकलते ही मेरठ के घर-घर में पहुंचाती हैं अखबार

Tue, 28 Aug 2018 05:28 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 28 Aug 2018 05:28 PM IST
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UP:  Meet the lady hawker from meerut who deliver newspaper daily to peoples houses
लेडी हॉकर आशापाल व कोमल (दाएं) - फोटो : अमर उजाला

महिलाएं आत्म निर्भरता में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। ऐसी सभी महिलाएं समाज के लिए मार्गदर्शक के रूप में हैं जो पुरुषों के कार्य क्षेत्र में बढ़ चढ़कर आगे आ रही हैं। इनमें कई महिलाएं ऐसी भी हैं,जो अपने घर के काम के साथ दिन निकलते ही लोगों के घरों तक अखबार पहुंचाती हैं। आज हम आपको बता रहे हैं ऐसी ही दो  महिलाओं के बारे में :- 

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अखबार वाली आंटी के नाम से जानते हैं लोग

UP:  Meet the lady hawker from meerut who deliver newspaper daily to peoples houses
पति के साथ आशापाल - फोटो : अमर उजाला

सदर बाजार निवासी 50 वर्षीय महिला आशापाल पिछले 15 साल से अपने पति रामनाथ पाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अखबार वेंडर का काम करती हैं। वह दिन निकलने से पहले ही कैंट सेंटर पर पहुंचती हैं। यहां से अखबार लेकर अपने पति के साथ रुड़की रोड की बहुमंजिली इमारतों में रहने वाले परिवारों को अमर उजाला पढ़वाने का काम करती हैं। 

सभी परिवारों के बच्चे आशा को अखबार वाली आंटी के नाम से पुकारते हैं। आशापाल कहती हैं कि 15 साल पहले पति रामनाथ को शारीरिक दिक्कत हुई थी। तभी से वह पति के काम में हाथ बंटा रही हैं। सुबह उठने से जहां स्वास्थ्य लाभ होता है, वहीं अखबार से आर्थिक लाभ भी। रुड़की रोड की कॉलोनियों में अखबार बांटने का काम करती हैं। रामनाथ पाल कहते हैं कि 30 साल से अखबार बांटने का काम कर रहे हैं। अमर उजाला से उन्हें आर्थिक लाभ तो हुआ ही साथ ही प्यार भी बहुत मिला है। 

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बेटों से पीछे नहीं हैं बेटियां 

बेटियां खेल के साथ साथ अन्य सभी क्षेत्रों में बाजी मार रही हैं। कोमल कक्षा सात में पढ़ती हैं। वह अपने पिता मुकेश वर्मा के साथ अखबार बांटने के काम में मदद करती हैं। पहले मुकेश की बड़ी बेटी भी उनके साथ कार्य में हाथ बंटाती थीं। लेकिल अब दो साल से 14 साल की बेटी कोमल पिता के साथ काम कर रही हैं। बेगम बाग इलाके में साइकिल से अखबार बांटती हंै। कोमल का कहना है कि पिता का सहयोग करना सबसे अच्छा लगता है।


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