रंजिश के कई मामलों में फर्जी नामजदगी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। मेरठ जिले में ही 24 दिन के अंदर हत्या के तीन ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें नामजद लोगों को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी। पुलिस का दावा है कि दो पक्षों में रंजिश के बीच तीसरा किरदार हत्या की वारदात को अंजाम दे रहा है।
चौंकाने वाली रिपोर्ट: पुलिस की तफ्तीश में खुले हत्या के बड़े राज, अफसरों के लिए सिरदर्द बना वारदातों का ये ट्रेंड, सच जानकर हर कोई हैरान
नेत्रपाल हत्याकांड... करीबी ने ही की वारदात
सरूरपुर के पांचली बुजुर्ग गांव में गोशाला संचालक नेत्रपाल सिंह की सात अप्रैल 2022 को हत्या हो गई थी। नेत्रपाल के साथ गोशाला में सो रहा हारून भी धारदार हथियार से घायल हुआ था। नेत्रपाल के भाई ने गांव के छह लोगों को नामजद किया। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की विवेचना में सामने आया है कि नामजदगी गलत है। उसके बाद पुलिस ने थाने से नामजद लोगों को नोटिस देकर छोड़ दिया। पुलिस की जांच में हारून का नाम सामने आ रहा है।
वत्सल हत्याकांड में भी रंजिशन नामजदगी
सरधना के महादेव गांव निवासी वत्सल त्यागी का गोली लगा शव 17 अप्रैल 2022 की रात को ट्यूबवेल पर मिला था। परिजनों ने रंजिश बताकर गांव के तीन युवकों को नामजद करते मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तीनों नामजद युवकों को पकड़ा और तीन दिन तक पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि वत्सल की हत्या के पीछे एक लड़की का मामला सामने आया है। इसके बाद नामजद युवक छोड़ दिए गए हैं। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि वत्सल की मौत के मामले का जल्द खुलासा करेंगे।
आकाश हत्याकांड में भी नामजदों को क्लीनचिट
हस्तिनापुर के लतीफपुर गांव निवासी आकाश का शव एक मई 2022 को गंगनहर के पास पड़ा मिला था। आकाश के परिजनों ने गांव के चार युवक नामजद किये थे। पुलिस ने जांच के बाद नामजद युवकों को क्लीनचिट देकर थाने से छोड़ा व जरनैल सिंह को गिरफ्तार किया। जरनैल ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि आकाश उसकी बहन पर गलत नजर रखता था, इसलिये उसकी हत्या की है।
24 दिन में हत्या के तीन केस में गलत नामजदगी
मेरठ में अधिकांश केस में रंजिश बताकर लोग फर्जी नामजदगी करा देते हैं। ऐसे में असली हत्यारोपी को ढूंढना पुलिस के सामने चुनौती बन जाता है। जिले में 24 दिन में हत्या के तीन मामलों में फर्जी नामजदगी मिली है। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी मेरठ