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चौंकाने वाली रिपोर्ट: पुलिस की तफ्तीश में खुले हत्या के बड़े राज, अफसरों के लिए सिरदर्द बना वारदातों का ये ट्रेंड, सच जानकर हर कोई हैरान

Wed, 04 May 2022 06:56 PM IST
कपिल kapil गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Wed, 04 May 2022 06:56 PM IST
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UP Crime: Officers have revealed in many murder cases that fake cases registered by police
वत्सल हत्याकांड। - फोटो : amar ujala

रंजिश के कई मामलों में फर्जी नामजदगी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। मेरठ जिले में ही 24 दिन के अंदर हत्या के तीन ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें नामजद लोगों को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी। पुलिस का दावा है कि दो पक्षों में रंजिश के बीच तीसरा किरदार हत्या की वारदात को अंजाम दे रहा है। 



पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि पीड़ित पक्ष आमतौर पर रंजिश के एंगल को बताकर मुकदमा दर्ज करा देते हैं। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने मेरठ जोन के जिलों में ऐसे मामलों की जांच कराई। इसमें पता चला है कि मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर में फर्जी नामजदगी के मामले सबसे ज्यादा हैं। बागपत में परमजीत तुगाना, मुजफ्फरनगर के खतौली में यशपाल राठी, मुजफ्फरनगर में हरेंद्र सिंह सहित 12 लोगों की हत्या में गलत नामजदगी मिली है।

UP Crime: Officers have revealed in many murder cases that fake cases registered by police
मेरठ पुलिस - फोटो : amar ujala

नेत्रपाल हत्याकांड... करीबी ने ही की वारदात 
सरूरपुर के पांचली बुजुर्ग गांव में गोशाला संचालक नेत्रपाल सिंह की सात अप्रैल 2022 को हत्या हो गई थी। नेत्रपाल के साथ गोशाला में सो रहा हारून भी धारदार हथियार से घायल हुआ था। नेत्रपाल के भाई ने गांव के छह लोगों को नामजद किया। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की विवेचना में सामने आया है कि नामजदगी गलत है। उसके बाद पुलिस ने थाने से नामजद लोगों को नोटिस देकर छोड़ दिया। पुलिस की जांच में हारून का नाम सामने आ रहा है।

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वत्सल का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

वत्सल हत्याकांड में भी रंजिशन नामजदगी
सरधना के महादेव गांव निवासी वत्सल त्यागी का गोली लगा शव 17 अप्रैल 2022 की रात को ट्यूबवेल पर मिला था। परिजनों ने रंजिश बताकर गांव के तीन युवकों को नामजद करते मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तीनों नामजद युवकों को पकड़ा और तीन दिन तक पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि वत्सल की हत्या के पीछे एक लड़की का मामला सामने आया है। इसके बाद नामजद युवक छोड़ दिए गए हैं। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि वत्सल की मौत के मामले का जल्द खुलासा करेंगे।

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एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार। - फोटो : अमर उजाला

आकाश हत्याकांड में भी नामजदों को क्लीनचिट
हस्तिनापुर के लतीफपुर गांव निवासी आकाश का शव एक मई 2022 को गंगनहर के पास पड़ा मिला था। आकाश के परिजनों ने गांव के चार युवक नामजद किये थे। पुलिस ने जांच के बाद नामजद युवकों को क्लीनचिट देकर थाने से छोड़ा व जरनैल सिंह को गिरफ्तार किया। जरनैल ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि आकाश उसकी बहन पर गलत नजर रखता था, इसलिये उसकी हत्या की है।

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एसएसपी प्रभाकर चौधरी। - फोटो : amar ujala

24 दिन में हत्या के तीन केस में गलत नामजदगी 
मेरठ में अधिकांश केस में रंजिश बताकर लोग फर्जी नामजदगी करा देते हैं। ऐसे में असली हत्यारोपी को ढूंढना पुलिस के सामने चुनौती बन जाता है। जिले में 24 दिन में हत्या के तीन मामलों में फर्जी नामजदगी मिली है। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी मेरठ

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