1857 की क्रांति के लिए मशहूर मेरठ भले ही सरकारी पर्यटन के नक्शे पर नहीं, लेकिन सैर सपाटे के जितने ठोर ठिकाने यहां हैं, उतने शायद आसपास नहीं मिलेंगे। जिसका जैसा मन हो, घुमक्कड़ी का वैसा भ्रमण किया जा सकता है। धर्म से लेकर इतिहास तक और प्रकृति से लेकर शौर्य गाथाओं तक यहां के स्थल खास हैं। इनके पास जाकर वक्त गुजारें तो इनकी गाथा, कथा सुनाई देगी। एक बार मेरठ घूमकर तो देखिए, यहां लंकापति रावण की धर्मपत्नी मंदोदरी के पतिव्रता धर्म से आपका साक्षात्कार होगा। महाभारत से लेकर 1857 की क्रांति का इतिहास आपसे बोलेगा। आज विश्व पर्यटन दिवस है और मेरठ के ये सारे स्थान और स्मारक इस मौके पर आपको बुला रहे हैं।
ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर
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48 किमी दूर हस्तिनापुर कुरु जनपद की राजधानी और हस्तिनापुर जैन धर्म की नगरी है। यहां आदि तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का पारणा स्थल है। तीर्थकरों में शांतिनाथ, कुन्थुनाथ व अरहनाथ का जन्म, दीक्षा व कैवल्य ज्ञान भी यहीं हुआ। उल्टा खेड़ा नाम से मशहूर विदुर का टीला भी यहीं है, जिसमें मृदभाण्ड के अलावा मुगलकाल के अवशेष मिलते हैं। जैन मंदिर, प्राचीन पांडेश्वर मंदिर, द्रोपदेश्वर मंदिर व कर्ण मंदिर भी देखने लायक हैं।
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ऐतिहासिक संग्रहालय भी दर्शनीय स्थल है। इसमें बरनावा से मिली सूर्यमूर्ति, मिट्टी की मुद्राएं, टेराकोटा मोहरें, पाषाण कालीन गहने, कॉपर का टुकड़ा, मुगलकालीन पॉटर, प्राचीन सिक्के, हड्डी से बने आभूषण देखने मिलेंगे। जम्बूद्वीप, श्वेताम्बर जैन निशियां व कल्याणक मंदिर, श्वेतांबर जैन मंदिर प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। बस या लोकल वाहन के द्वारा आसानी से यहां पहुंच सकते हैं और रुकने के लिए जैन धर्मशालाओं में निशुल्क व्यवस्था है।
ये भी स्थल हैं प्रमुख
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मेरठ शहर घंटाघर, विक्टोरिया पार्क, कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा बनवाई गई शाही ईदगाह, जामा मस्जिद, नौचंदी मैदान के पास स्थित मां चंडी देवी मंदिर, बाले मियां की मजार, शाहपीर का मकबरा, खैर उल मस्जिद, खैरनगर दरवाजा, नवाब खैरंदेश खां का मकबरा, तीर्थंकार शांतिनाथ मंदिर तीरगरान, जेलचुंगी स्थित जेम्स व्हाइट का स्मारक, 150 वर्ष पुराना गंगा मंदिर, गंगा मंदिर कागजी बाजार, गंगा मंदिर पैड़ामल, उत्तर भारत का पुराना सेंट जोंस चर्च, लेखानगर स्थित सेंट जॉन कब्रिस्तान जहां आज भी 1857 की क्रांति मे मारे गए अंग्रेजों की कब्रें हैं।
यहां मौजूद हैं सौ साल पुराने वृक्ष
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रोमन कैथोलिक चर्च सरधना
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वेस्टर्न रोड स्थित कर्नल कारमाईकल स्मिथ बंगला कैं टोनमेंट, माईल स्टोन कैंटोनमेंट, वेस्टर्न रोड साउथ एंड रोड के तिराहे पर स्थित बंगला नंबर 141 जो मिसेज चैम्बर्स का बंगला था। ब्रिटिश कालीन कंपनी बाग, इसे गांधी बाग के नाम से भी जाना जाता है। हर्बल पौधों के अलावा यहां 100 वर्ष पुराने कई वृक्ष आज भी यथावत खड़े हैं। म्यूजिकल फाउंटेन, स्टेडियम भी है। परीक्षितगढ़ का गांधारी का तालाब, केसरगंज की पुरानी जेल, सिटी रेलवे स्टेशन के पास परेड ग्राउंड, दिल्ली रोड के समीप केसरगंज मंडी से दूरी पर स्थित अबू का मकबरा, सूरजकुंड पार्क भी देखने लायक है।