फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मेरठ में भी कम नहीं तंग गलियां, आग लगी तो मच जाएगा हाहाकार, मानकों के विपरीत खड़ी हुईं इमारतें  

Mon, 09 Dec 2019 03:39 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 09 Dec 2019 03:39 PM IST
विज्ञापन
tight streets in Meerut, there will be panic if there is fire in case
meerut street - फोटो : अमर उजाला

शहर में तंग गलियों की भरमार है। हालात यह हैं कि अगर आग लग जाए तो मदद पहुंचाना बड़ी चुनौती होगा। ऐसे में जान-माल के नुकसान का खतरा बहुत ज्यादा है। दिल्ली में रविवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड के बाद शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जनजागरूकता की जरूरत महसूस होने लगी है। अमर उजाला ने शहर की तंग गलियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पड़ताल की तो हालात चिंताजनक दिखे। इन तंग गलियों में दमकल की गाड़ियों का पहुंचना नामुमकिन है। 

tight streets in Meerut, there will be panic if there is fire in case
meerut street - फोटो : अमर उजाला

शहर के जत्तीवाड़ा, ठठेरवाड़ा, शीशमहल, लाला का बाजार, नील गली, खैरनगर, सुभाषनगर, पुर्वा शेखलाल सहित दर्जनों ऐसे इलाके हैं, जहां आग से सुरक्षा के इंतजाम ना के बराबर हैं। पिछले कुछ सालों में आवासीय के साथ-साथ यहां व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। इसके कारण यहां के रास्ते और संकरे हो गये हैं। तीन से चार फीट चौड़ी सड़क पर तीन से चार मंजिला मकान बने हैं। आवासीय क्षेत्रों का उपयोग भी कामर्शियल के रूप में हो रहा है। अंदर ही अंदर गुपचुप तरीके से फैक्टरियां चल रही हैं। प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी बेखबर हैं। 


 
tight streets in Meerut, there will be panic if there is fire in case
meerut street - फोटो : अमर उजाला

अवैध निर्माण बने चुनौती
एक तरफ मेरठ शहर को स्मार्ट सिटी में शामिल कराने की जद्दोजहद चल रही है, दूसरी ओर बिना मानक बन रहे भवन और कामर्शियल कॉम्प्लेक्स भविष्य के लिए चुनौती खड़ी कर रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जनपद में 125 बहुमंजिला इमारतें हैं। इनमें 80 पूर्ण हो चुकी हैं। शेष पर काम चल रहा है। इनमें से केवल 20 से 25 इमारतों के पास ही फायर विभाग की एनओसी है। केवल उन इमारतों का निर्माण ही मानकों के अनुरूप कराया जाता है, जिनके लिए बैंक लोन की जरूरत पड़ती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
tight streets in Meerut, there will be panic if there is fire in case
meerut street - फोटो : अमर उजाला

निर्माण में दमकल की अहम जिम्मेदारी
किसी भी निर्माण को शुरू करने से पहले नक्शा पास कराना होता है। वहीं दमकल विभाग की टीम निर्माण स्थल का निरीक्षण करेगी और मानक तय करेगी। नियमानुसार अगर किसी इमारत की ऊंचाई 15 फीट से ज्यादा है तो इमारत के चारों ओर 6 मीटर सेटबैक जरूरी है। यह जगह दमकल की गाड़ी के लिए छोड़ी जाती है। अधिकांश इमारतों में इसकी अनदेखी की गई है। मानकों के अनुरूप अंडरग्राउंड वॉटर टैंक व टेरिस वॉटर टैंक होना चाहिए। जिनमें तीन पंप इलेक्ट्रिक और डीजल की अलग-अलग व्यवस्था हो। प्रत्येक तल पर हॉज रील हो। हाईड्रेंट लगे हों। इसके अलावा होज पाइप और ब्रांच पाइप की भी व्यवस्था हो। लेकिन अधिकांश इमारतें मानकविहीन हैं। हादसों के मद्देनजर सीढ़ियों के निर्माण के लिए भी मानक हैं। हॉस्पिटल में दो मीटर लंबी तो एजूकेशनल बिल्डिंग, इंडस्ट्रीज और आवासीय इमारतों में डेढ़ मीटर लंबी सीढ़ी होनी चाहिए। इनकी भी अनदेखी हो रही है। 

विज्ञापन
tight streets in Meerut, there will be panic if there is fire in case
meerut street - फोटो : अमर उजाला

केमिकल आग के आगे विभाग बेबस
शहरी क्षेत्र में संकरी गलियों का लाभ उठाकर लोग आवासीय क्षेत्र में फैक्टरियां चला रहे हैं। ध्यानचंद नगर में भी यही हाल था। यहां आवासीय निर्माण को किराये पर लेकर उसका कामर्शियल प्रयोग हो रहा था। हादसा हुआ तो हर कोई मूकदर्शक बना रहा। दमकल विभाग भी केमिकल में लगी आग के आगे बेबस नजर आया। फोम से आग नहीं बुझी तो विभाग सिर्फ पानी की बौछार कर केमिकल के खत्म होने का इंतजार करता रहा। शहर के अंदर तंग गलियों में कई जगह कमेकिल से जुड़ा काम हो रहा है। स्क्रीन प्रिंटिंग से लेकर साधारण प्रिंटिंग, तरह-तरह की खेल सामग्री क्रिकेट बैट-बॉल, कैरमबोर्ड आदि का निर्माण चल रहा है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed