मेरठ के मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को तीन मरीजों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने के कारण उनकी मौत हुई। मेडिकल प्रशासन का कहना है कि ऑक्सीजन पर्याप्त थी, जो उपचार दिया जा सकता था, वो दिया गया था।
बेबसी: तड़प-तड़कर दम तोड़ रहे मरीज, ऑक्सीजन की कमी से तीन की मौत, अपनों के लिए भटक रहे परिजन
मेरठ के मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को तीन मरीजों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने के कारण उनकी मौत हुई।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार दोपहर का जो नजारा मरीजों ने मोबाइल में कैद करके भेजा वो बेहद भयावह था। एक महिला माया देवी बेड पर आखिरी सांसें ले रही थी। उनके परिवार की युवती रोते हुए बता रही थी कि ऑक्सीजन बंद होने की वजह से हालत बिगड़ गई है। सांसें थम रही हैं। देखते ही देखते माया देवी का शरीर शांत हो गया। उनके पुलिसकर्मी बेटे ने सीना दबाकर मां की सांसें वापस लाने की कोशिश की, लेकिन वह दुनिया छोड़कर जा चुकी थी। परिजनों में कोहराम मच गया। सराय निवासी कर्मसिंह ने भी तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप था कि ऑक्सीजन पैनल सिस्टम में खराबी के कारण उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिली और मौत हो गई।
रामनिवास कई दिन से कोरोना संक्रमित थे। कई दिन तक परिजनों ने घर में इलाज कराया। जब ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो गया तो परिजन सुबह मेडिकल इमरजेंसी में लेकर आए, लेकिन समय से ऑक्सीजन न मिलने से ये भी दुनिया छोड़ गए। पत्नी शालिनी ने बताया कि हमारे घर का मुखिया चला गया। हम क्या करेंगे। हम अस्पताल इस उम्मीद के साथ लेकर आए थे कि बच जाएंगे, लेकिन यहां से शव लेकर जा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई थी। रात में मेडिकल में 200 सिलिंडर और सुबह 125 सिलिंडर थे। अगर ऑक्सीजन की दिक्कत होती तो दूसरे मरीजों को भी दिक्कत होती। डॉक्टर जो उपचार दे सकते थे, वो दिया गया।
दो दिन से नहीं मिला ऑक्सीजन सिलिंडर, बेटे की मौत
कंकरखेड़ा के मंगलपुरी में दो दिन से युवक के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग को लेकर परिजन भटकते रहे, लेकिन कहीं भी सिलिंडर नहीं मिला। अस्पतालों में बेड नहीं था। मजदूर परिवार सिलिंडर के लिए भटकता रहा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आखिर युवक ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को परिजन बेटे का अंतिम संस्कार करके मेरठ छोड़कर गुजरात चले गए।
वीडियो कॉल कर अफसरों ने जानी मरीज की हकीकत
ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की कालाबाजारी की सूचना पर शुक्रवार को एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ ब्रह्मपुरी और नगरायुक्त माहेश्वरी आक्सीजन गैस प्लांट पर पहुंचे। यहां सिलिंडर लेने आए लोगों से चिकित्सक का पर्चा मांगा। फिर चिकित्सक से मरीज के बारे में पूछा और मरीज की वीडियो कॉल कराई। पूरी स्थिति देखने के बाद सिलिंडर देने की अनुमति दी गई। उद्योगपुरम स्थित अग्रवाल गैस गोदाम पर एक युवक को फर्जी रूप से सिलिंडर लेते पकड़ा गया। वह सिलिंडर छोड़कर मौके से भाग गया।
महामारी में मारामारी : सिलिंडर, ऑक्सीजन तो कहीं कैप की परेशानी
महामारी में इलाज से लेकर दवाओं, मेडिकल उपकरणों की मारामारी है। मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा। अस्पताल में बेड नहीं, ऑक्सीजन नहीं। जिन्हें ऑक्सीजन मिल जाती है उनके पास सिलिंडर के ऊपर लगाने वाले ऑक्सीजन कैप नहीं है। जिससे मरीज को ऑक्सीजन दी जा सके। बाजार में मेडिकल उपकरणों से लेकर दवाओं का टोटा है। अस्पतालों में इलाज, बेड और गैस की किल्लत है। मरीज लाचार हैं तीमारदार परेशान किससे मदद मांगे, जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर दिए हैं वो उठते नहीं या बंद रहते हैं।
सिलिंडर है पर कैप नहीं
शंभूनगर निवासी संजीव के पिता होम आइसोलेशन में हैं। संजीव कहते हैं अस्पताल में बेड नहीं मिला तो थककर पिता को होम आइसोलेशन में रखा। एक दिन पूरा खाली सिलिंडर फिर उसे भरवाने में गुजर गया। अब सिलिंडर है, मगर कैप नहीं मिल रहा। जिस कारण मरीज को ऑक्सीजन नहीं दे पा रहे हैं।