मेरठ जनपद में हस्तिनापुर क्षेत्र के भीमकुंड गांव के समीप गंगा पुल पर गंगा का जलस्तर बढ़ते ही कटान का खतरा बढ़ गया है। पिछले तीन दिनों से चांदपुर की ओर पुल के अंतिम पिलर पर भीषण कटान हो रहा है। वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की बनाई गई सड़क भी भरभरा कर गंगा में समा रही है।
हस्तिनापुर से बिजनौर के चांदपुर को जोड़ने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर भीमकुंड गांव के समीप गंगा पुल का निर्माण कराया था। इस निर्माण के पूरा होने से चांदपुर, बिजनौर, धामपुर, अमरोहा, मुरादाबाद, मेरठ आदि जाने वाले लोगों की मंजिल और आसान हो गई। लेकिन इस पुल पर एक बार फिर गंगा के कटान का संकट मंडरा रहा है।
2 of 7
खतरा।
- फोटो : amar ujala
पिछले तीन दिनों से चांदपुर बिजनौर की ओर गंगा के अंतिम पिलर पर गंगा का भीषण कटान चल रहा है। जिससे पुल के नीचे बनी एक महाराज की झोपड़ी और सामान गंगा में बह गया। वहीं करीब दस मीटर पुल के नीचे सड़क का हिस्सा भी गंगा के कटान में समा चुका है।
3 of 7
खतरा।
- फोटो : amar ujala
पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क गंगा में समा रही है, ऐसे में पुल का हिस्सा भी गंगा में समा सकता है। वहीं स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना राज्य सेतु निगम के अधिकारियों के साथ-साथ पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को भी दी। लेकिन अभी तक उन्होंने कटान को रोकने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।
4 of 7
बड़ा खतरा।
- फोटो : amar ujala
कटान की सूचना मिलते ही अमर उजाला की टीम ने मौके पर पहुंचकर लाइव फोटो किए और स्थानीय लोगों से बातचीत की। जिसमें कुलदीप, बिरजपाल, बितेंद्र, रणवीर प्रधान व पुल पर झोपड़ी बनाकर रह रहे महाराज के साथ अन्य ग्रामीणों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि अगर इस कटान को समय रहते नहीं रोका गया तो अगले दो-तीन दिनों में पुल का हिस्सा गंगा में समा जाएगा। जिससे सरकार के करोड़ों रुपये से तैयार किया गया पुल भी पानी में बहने की संभावना है।
5 of 7
खतरा।
- फोटो : amar ujala
सूचना के बाद भी संज्ञान नहीं ले रहे अधिकारी
स्थानीय सिरजेपुर के ग्राम प्रधान रणवीर सिंह ने बताया कि जब उन्हें पुल के पिलर के कटान की जानकारी मिली तो उन्होंने मौके पर जाकर देखा और इसकी सूचना शासन-प्रशासन के अधिकारियों को दी। लेकिन पुल के कटान को रोकने के लिए कोई प्रक्रिया शुरू होती नजर नहीं आ रही है।