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भावुक तस्वीरें: गमगीन माहौल में हुआ मां और दो बच्चों का अंतिम संस्कार, हर किसी की आंखें नम

Fri, 31 May 2019 02:22 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: कपिल kapil Updated Fri, 31 May 2019 02:22 AM IST
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The funeral took place in the atmosphere of mother and two children in Shamli
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

शामली में बाबरी क्षेत्र के गोगवान जलालपुर गांव में मां और उसके दो बच्चों के शव एक साथ उठे तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। अगली स्लाइडों में तस्वीरों के साथ जानिए पूरा अपडेट:-

The funeral took place in the atmosphere of mother and two children in Shamli
विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला

बुधवार को रविंद्र की पत्नी रचना (30) बेटे विक्रांत (6) और मानसी (9) की संदिग्ध हालत में मृत्यु हो गई थी। गुरुवार दोपहर बाद विक्रांत और रचना के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंच गए। शाम को मानसी का शव भी मेरठ से सीधे श्मशान पहुंचा। रविंद्र की तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से रचना के शव का अंतिम संस्कार उसके देवर जोनी ने किया। हर कोई इस घटना घटना से दुखी था। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार हुआ।

The funeral took place in the atmosphere of mother and two children in Shamli
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

उधर, एसओ बाबरी नेमचंद ने बताया कि शवों के पोस्टमार्टम में मौत की वजह जहर से होना आया है। जहर कौन सा था। उसकी कितनी तीव्रता थी। ये सब बातें विसरे की जांच के बाद स्पष्ट होंगी। इसलिए उसका विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। उसे जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।

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The funeral took place in the atmosphere of mother and two children in Shamli
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

घर की मिट्टी भी नसीब नहीं हुई मानसी को
रचना और विक्रांत के शव तो पोस्टमार्टम के बाद घर आ गए थे लेकिन मानसी का शव मेरठ से एंबुलेंस में सीधे श्मशान घाट पर लाया गया। यहां पर रचना का अंतिम संस्कार हुआ, जबकि मानसी और विक्रांत का शव एक ही गड्ढे में दफनाया गया। लोगों को अफसोस था कि मानसी की मौत के बाद अपने घर की मिट्टी भी नसीब नहीं हुई।

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The funeral took place in the atmosphere of mother and two children in Shamli
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

भाभी का नहीं आना चुभ गया था रचना को 
एसओ ने बताया कि इस घटना के बारे में ग्रामीणों से हुई जानकारी से पता चला कि कविंद्र की पत्नी करीब एक महीने से अपने मायके गई थी। उसके दोनों बच्चे रविंद्र के पास ही थे। परिवार में ये बात तय हुई थी कि एक महीने बाद कविंद्र की पत्नी वापस आ जाएगी और इसके बाद रविंद्र की पत्नी रचना भी छुट्टियों में अपने मायके रहने जाएगी। रचना ने मायके जाने की तैयारी की हुई थी। बुधवार को कविंद्र की पत्नी को आना था, लेकिन उसने अपने भाई को भेजकर अपने दोनों बच्चों को भी मायके बुलवा लिया था। ये बात रविंद्र की पत्नी को नागवार गुजरी। उसने कुछ लोगों को भी ये बात बताई थी। ये भी पता चला कि रचना ने बाजार से कोल्ड ड्रिंक भी मंगाई थी। संभवत: उसी में कोई जहरीला कीटनाशक मिलाकर पिया गया है। एसओ के अनुसार ये आत्महत्या का मामला है।

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