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भारतीय सेना के साहस की विजय गाथा सुनाते हैं मेरठ के चौराहों पर खड़े ये टैंक

Wed, 19 Dec 2018 07:13 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 19 Dec 2018 07:13 PM IST
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Tank on crossing on meerut roads says the story of victory of indian army
टैंक
'जो जीत जाते हैं वे सिर उठाकर खड़े होते हैं, जो हार जाते हैं उन्हें सिर झुकाना पड़ता है'। सन 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना के साहस और पाकिस्तानी सेना की हार के बाद आत्मसमर्पण की वो कहानी उस युद्ध के टैंक आज भी सुनाते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं मेरठ शहर के चौराहों पर रखें कुछ ऐसे ही टैंकों के बारे में जो आज भारत की विजय गाथा का परिचय देते हैं:-



 
Tank on crossing on meerut roads says the story of victory of indian army
टैंक
पाकिस्तान के पैटन टैंक जहां झुके हुए अपनी पराजय की कहानी बयां कर रहे हैं। वहीं, भारत के टैंक शान से सिर उठाए अपनी जीत की गाथा सुना रहे हैं। 1971 के युद्ध में आग बरसाने वाले ये टैंक भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास की नई पीढ़ी को तस्वीर दिखाते हैं।
Tank on crossing on meerut roads says the story of victory of indian army
टैंक

सबसे पहले बात करते हैं मेरठ कालेज में शान से खड़े विजयंत टैंक की। इस टैंक की गन आसमान की तरफ है। ये विजय का प्रतीक है। सन 1971 के युद्ध में इस टैंक के बेड़े ने पाकिस्तानी सेना के सैकड़ों पैटन टैंकों को ध्वस्त कर दिया था। इस टैंक की रेंज 510 किलोमीटर थी। हजारों राउंड फायर किए जा सकते थे। 


 
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Tank on crossing on meerut roads says the story of victory of indian army
टैंक
39 हजार टन वजन वाले इस टैंक को सन 1963 में बनाया गया था। सन 1965 से सन 1986 तक इसका उत्पादन भारतीय कंपनी प्रोडक्शन ने किया। इस दौरान 2200 टैंक बनाए गए। अब ये टैंक सेना के बेडे़ से बाहर हो चुका है। ऐसे में देश के चुनिंदा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विजयंत टैंक भारतीय सेना का गौरवशाली इतिहास बताने के लिए रखे गए हैं। विजयंत टैंक मेरठ कालेज के अलावा छावनी में कई जगहों पर खड़े हुए हैं। बेस वर्कशॉप पर भी दो टी-55 टैंक रखे गए हैं। 

 
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पाकिस्तानी टैंक
पाकिस्तानी पैटन टैंक: हमारी जीत का प्रतीक इनकी झुकी नाल 
वहीं, दूसरी तरफ कंपनी गार्डन चौराहे पर जो पाकिस्तानी पैटन टैंक रखा हुआ है, उसकी गन झुकी हुई है। ये पाकिस्तानी सेना की पराजय का प्रतीक है। सन 1965 और सन 1971 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना के पास उस वक्त के अत्याधुनिक टैंक पैटन थे। दोनों युद्धों में पाकिस्तान ने इनका प्रयोग किया। दोनों युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के पैटन टैंक कब्जे में ले लिए थे। 

 
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