नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में मेरठ में हुए बवाल में जहां पुलिस ने कश्मीरी और संदिग्ध बांग्लादेशी युवकों के शामिल होने का दावा किया है वहीं शहर के विभिन्न इलाकों में छिपकर रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशियों के बारे में भी नया खुलासा हुआ है।
संदिग्ध बांग्लादेशियों को लेकर बड़ा खुलासा, अपनी झोपड़ियों को खुद ही लगा देते हैं आग, ये है वजह
शुक्रवार को मेरठ के हापुड़ रोड और इसके आसपास ही सबसे ज्यादा बवाल हुआ। इस बवाल की सीसीटीवी फुटेज में बांग्लादेशी युवकों के शामिल होने का दावा पुलिस ने किया है।
इंटेलीजेंस की जांच में सामने आया कि विभिन्न इलाकों अवैध रूप से रह रहे इन लोगों को वहां से निकालकर हापुड़ रोड पर पथराव, आगजनी और फायरिंग के लिए लाया गया था।
खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट की मानें तो लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र में हापुड़ रोड से सटी जाकिर कालोनी, आशियाना कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में करीब 500 से अधिक झुग्गी झोपड़ियां हैं।
हापुड़ रोड पर खरखौदा क्षेत्र में भी जमना नगर के आसपास 300 से अधिक झुग्गी झोपड़ियां हैं। जिनमें ये लोग छिपकर रह रहे हैं जहां कूड़ा व पॉलिथीन एकत्र करने का काम करते हैं।
अवैध रूप से बांग्लादेशियों के छिपकर रहने की सूचना पर तीन माह पहले शासन ने संदिग्ध लोगों के सत्यापन के लिए निर्देश दिए थे।
इसके बाद एलआईयू और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सत्यापन का काम शुरू किया। जिसके बाद खुलासा हुआ कि ये लंबे समय से यहा अवैध रूप से रह रहे हैं और इनमें अधिकांश पूर्वोत्तर असम, पश्चिम बंगाल के भी हैं।
खुफिया विभाग की रिपोर्ट में सामने आया कि शुक्रवार को हुए बवाल में इन झोपड़ियों में रह रहे सैकड़ों लोग सबसे आगे दिखे। इन झोपड़ियों से निकलकर ये जाकिर कालोनी पहुंचे और सबसे पहले वहां आगजनी की।
यहां से ही कुछ लोग सद्दीक नगर के रास्ते भूमिया पुल और रशीदनगर तक पहुंचे। इनमें कुछ लोगों की पहचान के लिए उन लोगों की मदद ली जा रही है, जिन्होंने संदिग्ध लोगों को किराए के लिए जमीन दे रखी है।