दिल्ली की तिहाड़ जेल मंगलवार को बिजनौर लाए गए शाहनवाज और जब्बार की पेशी के दौरान अदालत गोलियों की आवाज से गूंज उठा। पुलिस की जांच में शूटरों के बारे में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पता चला कि हिस्ट्रीशीटर शाहनवाज को मारने के लिए शूटरों ने एकदम नजदीक से गोलियां मारीं।
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गोलियां चलने के बाद अदालत में मची अफरा-तफरी
- फोटो : अमर उजाला
एक गोली उसके सिर पर, एक पैर में, जबकि 9 गोलियां पेट और सीने पर मारी गईं। शूटरों ने शाहनवाज का शरीर गोलियां मारकर छलनी कर दिया था। मंगलवार को बिजनौर जजी में सीजेएम कोर्ट परिसर में नजीबाबाद निवासी हिस्ट्रीशीटर शाहनवाज और उसके साथी जब्बार निवासी जलालाबाद (बिजनौर) पर तीन बदमाशों ने गोलियां बरसाईं। शाहनवाज की हत्या के दौरान ही उसका साथी जब्बार फरार हो गया था।
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कोर्ट परिसर में तैनात पुलिस फोर्स
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जब्बार मौके से भागते वक्त सीजेएम कोर्ट के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। शूटरों द्वारा जब शाहनवाज की हत्या की गई, तो जब्बार भी शाहनवाज के पास ही खड़ा था। भगदड़ के बीच मौका मिलते ही वह भाग निकला। पुलिस ने सीसीटीवी की फुटेज खंगाली, तो जब्बार भागता हुआ दिखाई दिया।
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बढ़ाई गई कोर्ट की सुरक्षा
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शाहनवाज की हत्या के बाद से पुलिस फरार हुए जब्बार को तलाश रही है। उसका कोई पता नहीं चल रहा है। जब्बार सीजेएम कोर्ट के बाहर लगे एक सीसीटीवी में भागता हुआ नजर आ रहा है। कोर्ट पर दिल्ली से शाहनवाज व जब्बार को पेशी पर लेनी वाली पुलिस की गारद असलहों के साथ मौजूद थी। कोर्ट के अंदर पैरोकार व कोर्ट मोहर्रिर सहित बिजनौर के पुलिसकर्मी बिना किसी हथियार के थे।
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शूटरों को असलहा उपलब्ध कराने के आरोपी
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दिल्ली पुलिस के जवानों के पास असलहा होते हुए भी जब्बार वहां से आसानी से भाग गया। दिल्ली पुलिस ने उसे पकड़ने की जहमत नहीं उठाई, जबकि जजी के दोनों गेट पर दिल्ली पुलिस का भी एक एक कमांडो तैनात था। इसके अलावा बिजनौर के पुलिसकर्मी भी वहां तैनात थे। पर किसी को भी जब्बार के भागने का पता नहीं चला।