शामली के दवा कारोबारी देवराज मलिक ने दावा किया कि आयुष मलिक ने चांदनी कुरैशी के संपर्क में आने के बाद धर्म परिवर्तन कराया गया। उनका कहना है कि इससे पूर्व वह परिवार के साथ हिंदू रीति रिवाजों में शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि 2018-19 की आयुष के जन्मदिन की फोटो उनके व्हाटसएप की डीपी पर लगी है।
देवराज मलिक ने कहा कि उन्हें इस वर्ष जनवरी माह में बेटे के धर्मांतरण की जानकारी मिली थी। उनका कहना है कि फरवरी में आयुष ने स्वयं इस बात को स्वीकार कर लिया था। आयुष ने अपनी मां को एक मुस्लिम युवती से शादी करने की इच्छा जताई थी और उसका फोटो भी दिखाया था।
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चांदनी कुरैशी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह बात सुनकर उसकी मां बेहोश हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त युवती के संपर्क में आने से पहले आयुष हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करता था, पूजा-अर्चना करता था तथा कलावा भी बांधता था और रक्षाबंधन पर अपनी बहनों से राखी बंधवाकर तिलक भी कराता था, लेकिन बाद में उसके व्यवहार और पहनावे में बदलाव आ गया।
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चांदनी कुरैशी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने दावा किया कि भावनात्मक बातचीत के दौरान आयुष ने धर्मांतरण किए जाने की बात बताई थी। आरोप लगाया कि धर्मांतरण कराने में कुछ लोगों की भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि आयुष दृढ़ निश्चयी स्वभाव का है, लेकिन उसे कथित रूप से प्रभाव में लेकर यह कदम उठवाया गया।
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आयुष मलिक उर्फ रहमान की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि निकाह कहां हुआ। उन्होंने पुलिस प्रशासन से बेटे को सकुशल वापस लाने की मांग की। देवराज मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया था और संपत्ति के लालच में यह षड़यंत्र रचा गया है।
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आयुष मलिक उर्फ रहमान की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने कहा कि उसके बेटे का ब्रेनवाश किया गया है। परिवार लगातार आयुष को वापस लाने का प्रयास कर रहा है और उम्मीद है कि समझाने के बाद वह घर परिवार में लौट आएगा। विदित हो कि आयुष ने तीन दिन पहले मीडिया के सामने बयान दिया था कि वह 2008 से इस्लाम धर्म का अनुसरण कर रहा है। उसने बिना किसी दबाव के इस्लाम धर्म में शामिल होना बताते हुए कहा था कि वह 40 किलोमीटर दूर जाकर नमाज पढ़ता था।