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यूपी: पर्वतीय और मैदानी क्षेत्र में भारी बारिश से कई नदियां उफान पर, एक गांव से संपर्क कटा
Mon, 19 Aug 2019 03:05 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 19 Aug 2019 03:05 PM IST
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जान जोखिम में डाल नाव से चारा लेकर आते किसान
- फोटो : अमर उजाला
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पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश से बिजनौर जनपद में गंगा यमुना समेत कई नदियां उफान पर हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण तटवर्ती मैदानों में बाढ़ के आसार बन रहे हैं। भारी वर्षा के चलते मालन, लकड़हान, सूखा, कोटावाली आदि नदियों का जलस्तर बढ़ गया।
तटबंध बनाते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
कटान रोकने को लगवाई बल्लियां बहीं
मंडावर गांव फतेहपुर सभाचंद के पास गंगा का कटान लगातार जारी है। प्रशासन की ओर से सात अगस्त का कटान रोकने के लिए लकड़ियों की बल्लियों की अप्रोच लगवाई गई थी। ग्रामीणों के अनुसार इनमें से कुछ दो तीन दिन बाद ही बह गई थी। सिंचाई विभाग के संविदाकर्मी दयानंद का कहना है कि कटान रोकने के लिए रोज तटबंध बनाया जाता है, लेकिन तेज बहाव होने के कारण बह जाता है। ग्रामीणों की मदद से कटान रोकने के लिए झाड़ी गिराई जा रही हैं।
उधर, गांव नारायणपुर में बारिश से जलभराव होने से आवागमन में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार ग्राम प्रधान से सड़क को ऊंचा कराने के लिए कहा गया, लेकिन ग्राम प्रधान ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। क्षेत्रीय लोगों को बरसात में हर बार गंगा के कटान से समस्या झेलने को मजबूर होना पड़ता है।
मंडावर गांव फतेहपुर सभाचंद के पास गंगा का कटान लगातार जारी है। प्रशासन की ओर से सात अगस्त का कटान रोकने के लिए लकड़ियों की बल्लियों की अप्रोच लगवाई गई थी। ग्रामीणों के अनुसार इनमें से कुछ दो तीन दिन बाद ही बह गई थी। सिंचाई विभाग के संविदाकर्मी दयानंद का कहना है कि कटान रोकने के लिए रोज तटबंध बनाया जाता है, लेकिन तेज बहाव होने के कारण बह जाता है। ग्रामीणों की मदद से कटान रोकने के लिए झाड़ी गिराई जा रही हैं।
उधर, गांव नारायणपुर में बारिश से जलभराव होने से आवागमन में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार ग्राम प्रधान से सड़क को ऊंचा कराने के लिए कहा गया, लेकिन ग्राम प्रधान ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। क्षेत्रीय लोगों को बरसात में हर बार गंगा के कटान से समस्या झेलने को मजबूर होना पड़ता है।
उफान पर नदियां
- फोटो : अमर उजाला
बढ़ापुर कस्बे का संपर्क कई गांवों से कटा
बढ़ापुर कस्बा तीन ओर से नदियों से घिरा है और कस्बे के समीप बहने वाली नदियों का जलस्तर पर्वतीय क्षेत्रों में हुई वर्षा पर निर्भर करता है। बीती रात्रि पर्वतीय क्षेत्रों में हुई वर्षा से कस्बे के समीप की गुलाह, पहाड़ा व नकटा नदी का जल स्तर इतना बढ़ा कि रविवार को कस्बे का संपर्क क्षेत्र के दर्जन गांवों से पूरे दिन कटा रहा।
बढ़ापुर कस्बा तीन ओर से नदियों से घिरा है और कस्बे के समीप बहने वाली नदियों का जलस्तर पर्वतीय क्षेत्रों में हुई वर्षा पर निर्भर करता है। बीती रात्रि पर्वतीय क्षेत्रों में हुई वर्षा से कस्बे के समीप की गुलाह, पहाड़ा व नकटा नदी का जल स्तर इतना बढ़ा कि रविवार को कस्बे का संपर्क क्षेत्र के दर्जन गांवों से पूरे दिन कटा रहा।
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जलस्तर बढ़ने से हो रहा भूमि कटान
- फोटो : अमर उजाला
कृषि भूमि के कटान से किसानों की चिंता बढ़ी
भारी वर्षा के चलते नजीबाबाद क्षेत्र में मालन, लकड़हान, सूखा, कोटावाली आदि नदियों का जलस्तर बढ़ गया। मालन नदी के उफान ने जहां कृषिभूमि का कटान कर किसानों को नुकसान पहुंचाया है, वहीं कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से भारी वाहनों का आवागमन कोटावाली रपटे से ठप हो गया।
मालन नदी ने घुमाव क्षेत्र खैरुल्लापुर व शाहपुरा की तटीय कृषिभूमि का तेजी से कटान करते हुए नुकसान पहुंचाया है। मालन नदी के बढ़ते जलस्तर ने बीरुवाला, चंदनपुरा, जसवंतपुर, चौगांवा, कछियाना, पाईबाग के नदी तटीय क्षेत्र की कृषिभूमि और फसल को नुकसान पहुंचाया है।
भारी वर्षा के चलते नजीबाबाद क्षेत्र में मालन, लकड़हान, सूखा, कोटावाली आदि नदियों का जलस्तर बढ़ गया। मालन नदी के उफान ने जहां कृषिभूमि का कटान कर किसानों को नुकसान पहुंचाया है, वहीं कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से भारी वाहनों का आवागमन कोटावाली रपटे से ठप हो गया।
मालन नदी ने घुमाव क्षेत्र खैरुल्लापुर व शाहपुरा की तटीय कृषिभूमि का तेजी से कटान करते हुए नुकसान पहुंचाया है। मालन नदी के बढ़ते जलस्तर ने बीरुवाला, चंदनपुरा, जसवंतपुर, चौगांवा, कछियाना, पाईबाग के नदी तटीय क्षेत्र की कृषिभूमि और फसल को नुकसान पहुंचाया है।
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नदी का बढ़ता जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
खो नदी में बह गया चरवाहा
बढ़ापुर क्षेत्र में रविवार शाम ग्राम भाऊवाला निवासी एक पशु चरवाहा श्याम सिंह (55) खो नदी पार करते समय अचानक आए पानी में बह गया। वापसी के समय श्याम सिंह खो नदी में पानी उतरने की प्रतीक्षा करने लगा। काफी समय प्रतीक्षा के बाद पानी कम होने के आभास पर चरवाहा खो नदी में पशु लेकर उतर गया।
ग्रामीणों ने बताया कि श्याम सिंह अपने साथ बड़े पशुओं को नदी पार करा चुका था इसके बाद दोबारा में छोटे पशुओं लेकर नदी पार कर रहा था कि खो नदी के पानी में तेज बहाव आ गया और नदी के पानी के साथ बह गया। सूचना पर खो नदी किनारे पहुंचे ग्रामवासी चरवाहे की तलाश में लगे हैं।
बढ़ापुर क्षेत्र में रविवार शाम ग्राम भाऊवाला निवासी एक पशु चरवाहा श्याम सिंह (55) खो नदी पार करते समय अचानक आए पानी में बह गया। वापसी के समय श्याम सिंह खो नदी में पानी उतरने की प्रतीक्षा करने लगा। काफी समय प्रतीक्षा के बाद पानी कम होने के आभास पर चरवाहा खो नदी में पशु लेकर उतर गया।
ग्रामीणों ने बताया कि श्याम सिंह अपने साथ बड़े पशुओं को नदी पार करा चुका था इसके बाद दोबारा में छोटे पशुओं लेकर नदी पार कर रहा था कि खो नदी के पानी में तेज बहाव आ गया और नदी के पानी के साथ बह गया। सूचना पर खो नदी किनारे पहुंचे ग्रामवासी चरवाहे की तलाश में लगे हैं।