फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सहारनपुर का ये गांव है कच्ची शराब बनाने का गढ़, यहां 50 साल से चल रहा है अवैध धंधा

Mon, 11 Feb 2019 12:44 PM IST
दुष्यंत शर्मा जगदीप कुमार, अमर उजाला, सहारनपुर
जगदीप कुमार, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 11 Feb 2019 12:44 PM IST
विज्ञापन
Saharanpur village madh is a stronghold for making illegal raw liquor
जहरीली शराब केस

सहारनपुर बेहट रोड स्थित गांव मढ़ कच्ची शराब बनाने का गढ़ है। गांव में पिछले 50 साल से अधिक समय से शराब बनाने का अवैध धंधा चल रहा है, लेकिन आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन इस पर पाबंदी नहीं लगा पाया। वर्तमान में भी 20 से 25 परिवार इस धंधे में लिप्त हैं। शराब बनाने में महिलाएं भी शामिल हैं।

Saharanpur village madh is a stronghold for making illegal raw liquor
जहरीली शराब केस

तीन दिन से जनपद में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद भी गांव में शराब की बिक्री पर रोक नहीं लग सकी है। सूरज ढलते ही गांव में कच्ची शराब की बिक्री शुरू हो जाती है। गांव मढ़ की दूरी कोतवाली से करीब चार किलोमीटर है। यहां एक बिरादरी शराब निकालने का काम करती आ रही है। पहले इस कार्य को पुरुष करते थे, पुश्तैनी रूप से कार्य होता रहा तो महिलाएं भी इसमें जुड़ती चलीं गईं।

Saharanpur village madh is a stronghold for making illegal raw liquor
जहरीली शराब केस

कच्ची शराब पीने वाले ही नहीं, बनाने वाले भी इसका सेवन करते रहे और असमय मौत के मुंह में जाते रहे। ऐसे भी परिवार हैं, जिनमें पुरुषों की मौत के बाद उनकी विधवाओं ने इस धंधे को थाम लिया है। वर्तमान में करीब 25 परिवार शराब बनाने का काम कर रहे हैं। इसके लिए गन्ने के खेतों में भट्ठियां लगाई हुई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Saharanpur village madh is a stronghold for making illegal raw liquor
जहरीली शराब केस

गांव की कई दुकानों पर गिलास में 10 से 20 रुपये के पैग बिकते हैं। पॉलीथिन में भी सील कर शराब बेची जाती है। करीब दो वर्ष पहले गांव की महिलाओं ने शराब के खिलाफ आंदोलन किया था। उन्होंने खेतों में बनी शराब की भट्ठियों को उखाड़कर आबकारी विभाग और पुलिस को सौंपा था। मंगल दिवस और कोतवाली में शिकायतों के अलावा वह डीएम से भी शराब का धंधा बंद कराने की मांग कर चुकी हैं। मगर अवैध धंधा जारी है। 

विज्ञापन
Saharanpur village madh is a stronghold for making illegal raw liquor
जहरीली शराब केस

शराब ने उजाड़ा महिलाओं की मांग का सिंदूर
गांव मढ़ में वर्तमान में 40 से अधिक महिलाएं विधवा हैं, जिनमें ज्यादातर अनुसूचित जाति की ही महिलाएं शामिल हैं। इनमें ज्यादातर महिलाओं के पतियों की मौत का कारण शराब ही बनी। इस समय भी शराब के कारण काफी लोग बीमार हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed