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UP: 'मुझे मत मारो, बच्चों का ख्याल करो...', हाथ जोड़कर लगाई गुहार, पर भाजपा नेता योगेश के सिर पर था खून सवार
Sun, 23 Mar 2025 02:21 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 23 Mar 2025 02:21 PM IST
सार
सहारनपुर में रिश्तों के कत्ल का मामला सामने आया है। भाजपा नेता ने पहले पत्नी, फिर बेटी और बाद में दोनों बेटों को गोली मार दी। गोली लगने से तीनों बच्चों की मौत हो गई, पत्नी की हालत गंभीर है। आरोपी के हाथ में में पिस्टल देख कोई घायलों को उठाने का साहस नहीं कर सका।
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saharanpur murder
- फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर के सांगाठेड़ा में पत्नी और तीन बच्चों को गोली मारने के बाद आरोपी योगेश रोहिला ने एसएसपी को फोन किया। आरोपी ने फोन पर कहा कि मैंने पत्नी और बच्चों को गोली मार दी है, आकर उठा लो, नहीं तो मैं खुद को भी गोली मार दूंगा। इतना सुनते ही पुलिस अधिकारियों के भी हाथ-पैर फूल गए। सबसे पहले एसओ, उसके बाद सीओ और फिर एसएसपी भी मौके पर पहुंच गए।
भाजपा नेता योगेश रोहिला अपनी पत्नी नेहा के साथ
- फोटो : अमर उजाला
घर के बाहर परिजन भी मौजूद थे, लेकिन जब तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तब तक कोई भी उनके पास नहीं जा सका। डर था कि यदि उन्होंने घायलों को उठाने का प्रयास किया तो कभी उन्हें भी गोली न मार दे। पुलिस जांच में आया है कि घर में ही योगेश की अपनी पत्नी नेहा से बहस हुई, जिसके बाद उसने लाइसेंसी पिस्टल उठाई। नेहा घबराकर पीछे हट गई। बताया जा रहा है कि उसने हाथ जोड़कर कहा कि योगेश क्या कर रहे हो। मुझे मत मारो, बच्चों का ख्याल करो, लेकिन योगेश पर जैसे खून सवार था। अगले ही पल उसने नेहा की कनपटी पर गोली मार दी, जिससे वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ी।
भाजपा नेता योगेश रोहिला
- फोटो : अमर उजाला
13 साल पहले योगेश ने लिया था पिस्टल का लाइसेंस
जिस पिस्टल से योगेश रोहिला ने अपनी पत्नी नेहा, बेटी श्रद्धा, बेटे देवांश व शिवांश को गोली मारी है, उसका लाइसेंस करीब 13 साल पहले लिया था। 2013 में अपने नाम से ही पिस्टल का लाइसेंस नाम कराया था। वह पिस्टल को ज्यादातर अपने पास ही रखता था। बताया जा रहा है कि पिछले करीब दो माह से पत्नी को परेशान कर रहा था।
जिस पिस्टल से योगेश रोहिला ने अपनी पत्नी नेहा, बेटी श्रद्धा, बेटे देवांश व शिवांश को गोली मारी है, उसका लाइसेंस करीब 13 साल पहले लिया था। 2013 में अपने नाम से ही पिस्टल का लाइसेंस नाम कराया था। वह पिस्टल को ज्यादातर अपने पास ही रखता था। बताया जा रहा है कि पिछले करीब दो माह से पत्नी को परेशान कर रहा था।
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सांगाठेड़ा के देवांश की फाइल फोटो
- फोटो : ग्रामीण
पहले शिवांश, फिर लाए गए देवांश
एसबीडी जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सबसे पहले एंबुलेंस से शिवांश पहुंचा। उसके बाद देवांश और उसकी मां नेहा को लाया गया। चिकित्सकों ने चेक किया तो देवांश व शिवांश को मृत घोषित कर दिया, जबकि नेहा की सांस चलती मिली। इसके बाद चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। रेफर करने के लिए एएलएस एंबुलेंस को बुलाने के लिए कहा, लेकिन एएलएस एंबुलेंस वीआईपी कार्यक्रम के चलते नहीं आई। इसलिए बाद में नेहा को 108 एंबुलेंस से ही राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
एसबीडी जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सबसे पहले एंबुलेंस से शिवांश पहुंचा। उसके बाद देवांश और उसकी मां नेहा को लाया गया। चिकित्सकों ने चेक किया तो देवांश व शिवांश को मृत घोषित कर दिया, जबकि नेहा की सांस चलती मिली। इसके बाद चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। रेफर करने के लिए एएलएस एंबुलेंस को बुलाने के लिए कहा, लेकिन एएलएस एंबुलेंस वीआईपी कार्यक्रम के चलते नहीं आई। इसलिए बाद में नेहा को 108 एंबुलेंस से ही राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
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पत्नी और बच्चों के साथ बैठा योगेश
- फोटो : सोशल मीडिया
मंत्री जैसे ठाठ-बाट से रहता था योगेश
गांव में योगेश रोहिला ने घर के पास ही कैंप कार्यालय बना रखा था। कैंप कार्यालय को देखने से लगता है कि उसके ठाठ-बाट किसी विधायक, सांसद या मंत्री से कम नहीं थे। कार्यालय के अंदर तमाम बड़े नेताओं के फोटोग्राफ लगे हुए थे। उसने बुलेट और बोलेरो गाड़ी भी ले रखी थी। उसके साथ गाड़ी का ड्राइवर और डायरी लेकर चलने वाला सहायक भी मौजूद रहता था। उसके पास एक लाइसेंसी रिवाल्वर था। उसी लाइसेंसी रिवाल्वर की दो मैगजीन से उसने अपनी पत्नी और बच्चों को गोलियां मारी।
गांव में योगेश रोहिला ने घर के पास ही कैंप कार्यालय बना रखा था। कैंप कार्यालय को देखने से लगता है कि उसके ठाठ-बाट किसी विधायक, सांसद या मंत्री से कम नहीं थे। कार्यालय के अंदर तमाम बड़े नेताओं के फोटोग्राफ लगे हुए थे। उसने बुलेट और बोलेरो गाड़ी भी ले रखी थी। उसके साथ गाड़ी का ड्राइवर और डायरी लेकर चलने वाला सहायक भी मौजूद रहता था। उसके पास एक लाइसेंसी रिवाल्वर था। उसी लाइसेंसी रिवाल्वर की दो मैगजीन से उसने अपनी पत्नी और बच्चों को गोलियां मारी।