साध्वी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, तीन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, सामने आई हत्या की वजह
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पुलिस लाइन स्थित सभागार में मंगलवार दोपहर आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि 21 नवंबर को भोपा क्षेत्र के भोकरहेड़ी खादर क्षेत्र में महिला का शव मिला था। शव की शिनाख्त सुनीता नाथ पुत्री रामस्वरूप निवासी गांव खामपुर छपार के रूप में हुई थी। शव के पास से एक लावारिस स्विफ्ट कार भी मिली थी।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने बाबा बक्सर नाथ उर्फ अवधेश शर्मा निवासी गांव मारवाड़ा खजूरिया थाना भूता जनपद बरेली व हाल पता गोरखनाथ मंदिर मंगोलपुरी नई दिल्ली, मंजीत निवासी गांव बिहारगढ़ व हाल पता शिवधाम कॉलोनी शुक्रताल और उमेश मदन शास्त्री निवासी भौराखुर्द को गिरफ्तार किया गया। दो अन्य आरोपी मनोज शर्मा निवासी गांव गुराना बड़ौत जनपद बागपत और महंत शंकरदास निवासी जटाशंकर मंदिर खानपुर जनपद हरिद्वार फरार हैं।
एसएसपी ने बताया कि साध्वी सुनीता नाथ का महंत शंकरदास से हरिद्वार स्थित सिकंदरपुर आश्रम के स्वामित्व व उसकी संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इस संबंध में साध्वी ने सिविल कोर्ट में वाद भी दायर किया हुआ है। इसके चलते महंत शंकरदास ने ही साध्वी सुनीता नाथ की हत्या की साजिश रचकर मनोज शर्मा से बात की। मनोज ने बाबा बक्सरनाथ, उमेश मदन शास्त्री व मंजीत को भी साध्वी की हत्या के लिए तैयार किया।
इसके बाद वह 20 नवंबर की रात स्विफ्ट कार से सुनीता नाथ को बहाने से शुक्रताल में उमेश मदन शास्त्री के सतगृहस्थ आश्रम में लेकर आया, जहां साध्वी की उसी के सिर पर बंधे लाल कपड़े से गला दबाकर हत्या कर दी। विरोध करने पर साध्वी को एक डंडे से बुरी तरह पीटा भी किया।
हत्या के बाद आरोपी उसकी लाश को खादर क्षेत्र में ले गए, जहां कार रेत में फंसने पर आरोपी कार से शव को करीब दो सौ मीटर दूर तक घसीटने के बाद वहीं छोड़कर फरार हो गए। एसएसपी ने बताया कि साध्वी की हत्या में प्रयुक्त डंडा व कपड़ा भी बरामद कर लिया गया है। सभी आरोपियों को जेल भेजते हुए फरार दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।