यूक्रेन में फंसे मेरठ के स्नेहाशीष ने पिता संतु को फोन कर बताया कि वह जिस अपॉर्टमेंट में है, उसके चारों तरफ धमाकों की आवाज आ रही है। शहर बंद है और खाने के लिए उसके पास सिर्फ ब्रेड बची है। स्नेह ने यूक्रेन में हो रहे बम धमाकों की वीडियो भेजते हुए कहा पापा देखो हमारे सामने ही बम फट रहे हैं।
मेरठ के कई एमबीबीएस छात्र यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में फंसे हैं। मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले और इन दिनों रोहटा रोड के सरस्वती विहार निवासी स्नेहाशीष भी इवानो फ्रांकविस्क ओबसालटा यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस कर रहे हैं। स्नेहाशीष के पिता संतु सेना से सेवानिवृत्त हैं।
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फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
यूक्रेन से फोन पर बात करते हुए स्नेहाशीष ने बताया कि यहां हालात डरावने हैं। बाहर हर तरफ धमाकों की आवाज है। आसमान में धुआं नजर आ रहा है। कोई कुछ बताने की स्थिति में नहीं है।
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यूक्रेन के हालात।
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उनके पास खाने के लिए ज्यादा राशन नहीं बचा है। फास्ट फूड और ब्रेड खाकर काम चला रहे हैं। बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। सब डरे हुए हैं, हर घंटे परिजनों से बात कर रहे हैं।
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यूक्रेन के हालात।
- फोटो : amar ujala
मैं तो लौट आया... हॉस्टल के पास बम गिरा है
मेरठ में बाउंड्री रोड निवासी आधार रस्तोगी गुरुवार को अपने घर पहुंचे तो परिजनों की आंखें डबडबा आईं। माता-पिता रस्तौगी को गले लगाकर फफक पड़े।
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यूक्रेन में फंसे छात्र।
- फोटो : amar ujala
यूक्रेन से भारत आने वाली अंतिम फ्लाइट से पहुंचे आधार ने बताया कि पापा मैं तो लौट आया, लेकिन मेरे दोस्त वहीं फंसे हुए हैं। हमारे हॉस्टल के पास बम गिरा है। मुझे भी थोड़ी देर हो जाती तो फ्लाइट निकल जाती और मैं भी फंस जाता।