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सर्दी के अवसाद से बचना है तो हर रोज दस मिनट सेकें धूप, होंगे ये फायदे

Sun, 02 Dec 2018 02:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Sun, 02 Dec 2018 02:48 PM IST
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relax in the sun or take sunbath for ten minute daily to avoid winter depression
winter - फोटो : twitter

सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन अगर धूप नहीं सेंकते हैं, तो सर्दी के अवसाद (विंटर डिप्रेशन) बीमारी के शिकार हो सकते हैं। दरअसल, धूप की कमी से दिमाग में सिरोटोनिन रसायन का स्तर कम हो जाता है, जिससे कुछ लोगों के मन को मौसम का बदलाव रास नहीं आता। सरकारी चिकित्सालयों और निजी मनोचिकित्सकों के पास इस डिसऑर्डर के मरीज आने लगे हैं। इससे बचाव के लिए करीब 10 मिनट तक धूप में रोज बैठेें, नियमित योग और व्यायाम करें, बादाम, अखरोट और मूंगफली आदि का सेवन करें।

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सर्दी में गुजरतीं युवतियां - फोटो : अमर उजाला/ ब्यूरो मुरादाबाद
क्या है विंटर डिप्रेशन 
मौसम में बदलाव से कुछ लोगों को मौसमी अवसाद या विंटर डिप्रेशन हो जाता है। इसमें व्यक्ति साल में ठीक रहता है पर जैसी सर्दियां शुरू होती हैं, डिप्रेशन के लक्षण होने लगते हैं। यह लगभग दो से 10 प्रतिशत लोगों में होता है। इस बीमारी में सुबह उठने में परेशानी होती है, नींद ज्यादा आती है, भूख ज्यादा लगती है और मीठा खाने का मन करता है। इससे व्यक्ति का वजन बढ़ जाता है, काम करने में मन नहीं लगता है और थकान हो जाती है।  मौसमी अवसाद से पीड़ितों में डिप्रेशन होने का खतरा बढ़ जाता है तथा 20 से 30 प्रतिशत लोग बाइपोलर डिसऑर्डर (मैनिक अवसाद) से पीड़ित होते हैं। लोगों को गुस्सा ज्यादा आता है। 

 
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धूप निकलने पर पार्क में झूला झूलते बच्चे। - फोटो : Amar Ujala

दिल और दिमाग पर पड़ता है प्रभाव
यही नहीं मौसम के बदलाव की वजह से जो लोग दवाइयों से बिल्कुल ठीक हो गए थे, उनमें भी माइग्रेन के अटैक दोबारा से शुरू हो जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि सीजन के हिसाब से मन की स्थिति में बदलाव होता है। सूरज की रोशनी की वजह से आर्कटिक रीजन में इस तरह के मामले ज्यादा होते हैं। इस तरह के व्यक्तियों में िनद्रा विकार हो जाते हैं। सर्दियों में दिन छोटे होते हैं, जिससे हार्मोन में असंतुलन पैदा होता है और शरीर में विटामिन डी की कमी आती है। इससे दिल और दिमाग पर प्रभाव पड़ता है। सर्दियों के अवसाद से पीड़ित लोग अक्सर ज्यादा चीनी, सोडियम व ज्यादा कैलोरी वाला भोजन खाने लगते हैं। मधुमेह का खतरा बढ़ता है। 

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धूप - फोटो : Shivharsh Dwivedi
की जाती है काउंसलिंग
इस बीमारी में व्यक्ति को नींद देर से आती है। सूरज की रोशनी दें तो व्यक्ति ठीक हो जाता है। अगर परेशानी ज्यादा हो तो कुछ दिनों तक दवाइयां भी दी जाती हैं। साथ ही बिहेवियर थेरेपी और काउंसिलिंग भी की जाती है। 
- डॉ. रवि राणा, मनोरोग विशेषज्ञ  
 
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Winter

हार्मोन असंतुलन से बढ़ रहा डिप्रेशन
ठंड के मौसम में हार्मोन असंतुलन के कारण डिप्रेशन हो सकता है। इसके लिए लोगों को न सिर्फ  जीवन शैली में सुधार की जरूरत है, बल्कि खानपान में भी सावधानी बरतना जरूरी है। इससे बचने के लिए धूप बहुत जरूरी है। सर्दी के दौरान विभिन्न प्रकार के हार्मोन का स्तर कम हो सकता है। - डॉ. कमलेंद्र किशोर, मनोरोग विशेषज्ञ

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