किसान महापंचायत: प्रियंका ने एक-एक कर कानूनों की खामियां गिनाईं, पढ़ें, कांग्रेस महासचिव के भाषण की खास बातें
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प्रियंका ने कृषि कानूनों को उदाहरण सहित समझाते हुए कहा कि मुझे तो आज तक एक भी किसान नहीं मिला जिसने बताया हो कि कानून बनाने से पहले उनसे पूछा गया था। अगर ये कृषि कानून किसानों के हित में होते तो आज आंदोलन के 100 दिन पूरे नहीं हो गए होते। उन्होंने समझाया: -
पहला कानून: बड़े-बड़े उद्योगपतियों को जमाखोरी की इजाजत देगा। आप कितनी भी जमाखोरी करें कुछ नहीं होगा। इससे किसानों को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचेगा।
दूसरा कानून: देश में प्राइवेट मंडिया खोल सकते हैं। इसमें टैक्स नहीं लगेेगा। सरकारी मंडी में टैक्स लगेगा। इससे सरकारी मंडी में टैक्स लगने के कारण लोग प्राइवेट मंडी में जाने लगेंगे। असलियत ये है कि सरकारी मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होगा लेकिन प्राइवेट मंडी में आपको न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा।
तीसरा कानून: अगर कोई बड़ा खरबपति आए तो आपसे सौदा करे। आप दस किसान गन्ना उगाओ में 500 रुपये क्विंटल दूंगा। आपने गन्ना उगा लिया। खरबपति उस सौदे को करने के बाद मना कर दे कि मुझे नहीं चाहिए या कह दे कि 500 नहीं में 150 दूंगा। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा। इस कानून में लिखा है अगर किसी किसान को ये नामूंजर है और सही से व्यवहार नहीं किया गया तो किसी अदालत में नहीं जा सकता है। आप सिर्फ एसडीएम तक अपनी शिकायत ले जा सकेंगे।
लल्लू संग ट्रैक्टर से मंच तक पहुंचीं प्रियंका
प्रियंका को कैली गांव में पहुंचते ही ट्रैक्टर पर बैठाकर मंच तक लाया गया। ट्रैक्टर प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक ने चलाया। ट्रैक्टर पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और कांग्रेस विधायक दल का नेता अनुराधा मिश्रा भी उनके साथ थीं।
आपका बकाया बना रहे, पीएम मोदी ने तो दो जहाज खरीद लिए
गन्ना किसानों से प्रियंका ने पूछा-बताओ कितना बकाया है। भीड़ से आवाज आई 15 हजार करोड़। प्रियंका ने कहा कि 15 हजार करोड़ तो पूरे देश का बकाया है। यूपी का बकाया 10 हजार करोड़ है। मोदी ने 16 हजार करोड़ में दो हवाई जहाज खरीदे हैं। संसद के सुंदरीकरण के लिए 20 हजार करोड़ रखे हैं। किसान बीमा योजना का 26 करोड़ रुपये भी उनके दोस्तों की जेब में गया है।
संसद में मौन में शामिल नहीं हुई सरकार
प्रियंका ने लोकसभा का एक वाकया किसानों को बताया। उन्होंने कहा कि मेरे भाई राहुल गांधी ने 215 किसानों के शहीद होने पर संसद में दो मिनट का मौन रखने का प्रस्ताव रखा था।
इस पर सरकार और प्रधानमंत्री ने किसानों का मजाक उड़ाया। इस मौन में सत्तापक्ष के एक भी सांसद ने भाग नहीं लिया। प्रियंका ने महापंचायत के अंत में आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि के लिए दो मिनट का मौन रखवाया।