मेरठ के शास्त्रीनगर में सड़क के गड्ढों की वजह से सोमवार को हुए हादसे में स्पोर्ट्स कारोबारी पंकज मेहता के घर का चिराग बुझ गया। अमर उजाला टीम ने मंगलवार को शहर का जायजा लिया तो हर सड़क में जानलेवा गड्ढे दिखाई दिए। कलक्ट्रेट और एमडीए दफ्तर के बाहर भी सड़क के गड्ढों में तब्दील है। जिम्मेदार सो रहे हैं इसलिए जरूरी है कि आप संभलकर चलें। वाहन की रफ्तार कम रखें। दोपहिया पर हेलमेट जरूर लगाएं। सुरक्षित ढंग से ओवरटेक करें।
चार दिन की बारिश ने ही शहर की सड़कों की पोल खेल दी है। दिल्ली रोड पर पैदल चलना भी मुश्किल है। रैपिड रेल के कार्य की वजह से सफर खतरनाक हो गया है। सड़क के एक हिस्से पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं वहीं दूसरी तरफ हर कदम पर गड्ढे हैं। लोक निर्माण विभाग ने अतुल माहेश्वरी सेतु और परतापुर फ्लाईओवर पर मिट्टी और रोड़ी से गड्ढे भर दिए हैं पर तारकोल नहीं डालने की वजह से बजरी बिखरी पड़ी है। ऐसे में यहां हादसों का खतरा बना हुआ है। गढ़ रोड पर गांधी आश्रम चौराहे के पास भी सड़क जर्जर हो चुकी है। कैलाशपुरी के मुख्य मार्ग बच्चा पार्क चोराहे और बुढ़ाना गेट क्षेत्र की सड़कें भी बदहाल हैं। रेलवे रोड चौराहे से घंटाघर, छतरी वाला पीर तक गड्ढे ही गड्ढे हैं। भूमिया पुल से हापुड़ अड्डे तक भी पैदल चलना मुश्किल है। देखें ये तस्वीरें।
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मेरठ में सड़कों के हाल
- फोटो : amar ujala
जल्द शुरू कराएंगे कार्य : पुनीत वत्स
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि हमने परतापुर से बेगमपुल होते हुए मोदीपुरम तक सड़क की मरम्मत के लिए टीम के साथ बैठक कर निर्देश जारी कर दिए हैं। जल्द कार्य पूरा होगा।
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हर कदम गड्ढे
शहर की कोई सड़क ऐसी नहीं जो जानलेवा न हो। हर कदम पर गड्ढा है। -अमन अग्रवाल
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पैदल चलना भी मुश्किल
सड़कों में इतने गड्ढे हैं कि पैदल तो क्या वाहन से भी निकलना मुश्किल है। -सन्नी बक्शी
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कहां है गड्ढा मुक्त योजना
सरकार की गड्ढा मुक्त सड़क योजना को भी पलीता लग चुका है। कोई विभाग जागरूक नहीं। -जलीस खान