मेरठ के सूरजकुंड श्मशान घाट में बुधवार को रिटायर्ड दरोगा के अंतिम संस्कार के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब पहली पत्नी दूसरी पत्नी पर पति की हत्या करने का आरोप लगाकर शव पर लेट गई।
श्मशान में भिड़ीं पत्नियां, पुलिस ने चिता से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा रिटायर्ड दरोगा का शव
- पहली पत्नी ने दूसरी पत्नी पर लगाया पति की हत्या का आरोप
- पुलिस ने सूरजकुंड श्मशान घाट पहुंचकर अंतिम संस्कार रोका
पुलिस के अनुसार माधवपुरम ब्रह्मपुरी निवासी यूपी पुलिस से रिटायर्ड दरोगा राम प्रसाद (67) काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनकी दूसरी पत्नी बीना और बेटे के अनुसार रामप्रसाद का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को घर भेज दिया था।
बुधवार तड़के करीब तीन बजे रामप्रसाद की मौत हो गई। परिजन सुबह शव अंतिम संस्कार के लिए सूरजकुंड लेकर पहुंचे। अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। पुरोहित मंत्र पढ़ रहे थे। इस बीच राम प्रसाद की पहली पत्नी अलीगढ़ खानपुर निवासी कमलेश अपने भाई धनीराम और बेटे राहुल व विनोद के साथ श्मशान घाट पहुंच गई।
कमलेश ने पति की हत्या का आरोप लगाए हुए हंगामा शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। मारपीट की नौबत आ गई। सूचना पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। कमलेश का आरोप था कि उसके पति की हत्या की गई है। कमलेश ने बीना और उसके बेटों के खिलाफ हत्या की तहरीर दे दी। जिसके बाद पुलिस ने चिता से शव उठवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
संपत्ति को लेकर हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर संपत्ति पर कब्जे का आरोप लगाया। कमलेश का आरोप था कि उसके चार लड़की और दो पुत्र हैं। गांव की सात बीघा जमीन उसके पति ने दूसरी पत्नी के नाम कर दी है। उधर, दूसरी पत्नी बीना का आरोप था कि उसके पति ने पहली पत्नी की दो बेटियों की शादी की है। अब पहली पत्नी माधवपुरम स्थित घर पर कब्जा करना चाहती है। पुलिस के अनुसार संपत्ति विवाद कोर्ट में विचाराधीन है।
15 साल से माधवपुरम में रह रहा परिवार
माधवपुरम निवासी अमित और अशोक ने बताया कि रामप्रकाश और उसकी पत्नी बीना माधवपुरम में लगभग 15 साल से रह रहे हैं। बीना से उसके दो बेटे और एक बेटी हैं।
उम्र अधिक होने के कारण रामप्रसाद बीमार रहते थे। आज सुबह ही परिजनों ने मृत्यु की सूचना दी थी। वहीं, कमलेश के बेटे राहुल के अनुसार उसके तहेरे भाई मिथुन की सूचना पर वे मेरठ पहुंचे थे।
कोरोना टेस्ट के बाद ही मिलेगा शव
परिजनों के अनुसार शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। पुलिस ने शव सुबह करीब 11 बजे मोर्चरी भेजा था। अब कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद पोस्टमार्टम होगा।