मेरठ में ट्रांसपोर्टर आसिफ के 15 साल के बेटे आरिफ ने खुद के अपहरण और फिरौती की कहानी रची थी। वह सौतेली मां और सौतेले पिता के उत्पीड़न से परेशान था। मेरठ पुलिस ने 24 घंटे में किशोर को दिल्ली से बरामद किया है। उसके पास से 9.31 लाख रुपये भी मिले हैं। 24 घंटे में घटना का खुलासा करने पर अपर प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी से पुलिस टीम को एक लाख का इनाम मिला है।
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साढ़े नौ लाख रुपये बरामद
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नौचंदी क्षेत्र के शास्त्रीनगर सेक्टर-12 से ट्रांसपोर्टर आसिफ निवासी राधना, किठौर का बेटा सोमवार दोपहर लापता हो गया था। आरिफ के मोबाइल से उसकी बहन आयशा के मोबाइल पर 50 करोड़ की फिरौती का मैसेज आया था। घर में एक पत्र भी मिला था। उसमें ‘50 खोखे दो और बेटे को ले जाओ’ धमकी भी लिखी थी।
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आसिफ का घर
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मामला लखनऊ तक पहुंच गया तो मेरठ पुलिस के साथ एसटीएफ को भी लगाया गया। पुलिस के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब एक बजे आरिफ का मोबाइल ऑन हुआ। उसकी लोकेशन दिल्ली में मिली। इसके बाद मेरठ पुलिस और एसटीएफ ने आरिफ को दिल्ली से बरामद किया। एसएसपी अजय कुमार साहनी ने प्रेसवार्ता में बताया कि आरिफ के अपहरण और फिरौती की बात झूठी थी। वह सौतेली मां नजमा व पिता से परेशान था। पुलिस ट्रांसपोर्टर और उसकी पत्नी से पूछताछ कर रही है।
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आसिफ का घर
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एसएसपी ने बताया है कि आरिफ के पिता की 4-5 साल पहले मौत हो गई थी। उसके बाद मां ने आसिफ से निकाह कर लिया था। करीब दो साल पहले मां की भी मौत हो गई। इस पर आसिफ ने दूसरी शादी कर ली। आरिफ सौतेली मां और सौतेले पिता दोनों के व्यवहार से परेशान था।
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आसिफ के घर पहुंची पुलिस
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खुलासा करने में नौचंदी पुलिस फेल
मामले का पता लगाने के लिए एसएसपी ने इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा तपेश्वर सागर को भी लगाया था। दोपहर दो बजे तक इंस्पेक्टर नौचंदी संजय वर्मा को पता ही नहीं था कि आरिफ बरामद हो गया है। वह हापुड़ रोड पर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देख रहे थे। इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा ने उन्हें फोन कर बताया कि आरिफ मिल गया। उसके पिता को लेकर क्राइम ब्रांच के ऑफिस पहुंचे।