उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने कुछ दिन पहले कानपुर के दौरे पर कहा था कि रोडवेज की गंदी और जर्जर बसों को देेखकर शर्म आती है। इसीलिए यात्री टूरिस्ट बसों की ओर आकर्षित होते हैं। मंत्री के इस बयान के बाद अमर उजाला माई सिटी टीम ने भैसाली बस अड्डे पर जाकर बसों की हालत का जायजा लिया। इस दौरान कोई बस गंदी मिली, तो किसी के साइड शीशे ही गायब मिले। एक बस का चालक साइड वाला फ्रंट शीशा ही टूटा मिला।
व्यवस्था शर्मसार: किसी में शीशे टूटे तो किसी में फैला कचरा, गंदी और जर्जर बसों में सफर कर रहे यात्री, तस्वीरें
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एक बस में चालक को सामने का दिखाई देने में भी दिक्कत हो रही थी। इसके बावजूद शीशा बदलवाए बगैर ही संचालन किया जा रहा था। नोएडा डिपो की बस नोएडा जाने के लिए काउंटर पर खड़ी थी। बस की बाहर से लेकर अंदर तक हालत खराब थी। दोनों साइड में पीछे की तरफ के दो शीशे गायब थे। बस पूरी तरह हवामहल बनी हुई थी। बारिश आ जाए तो यात्रियों का भीगना तय है।
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बस आपरेटर नहीं लेते मेंटेनेंस अवकाश
रोडवेज में बस ऑपरेटरों और संचालन स्टाफ का सिंडीकेट बन गया है। बस ऑपरेटरों को बसों की मेंटेनेंस आदि के लिए महीने में चार अवकाश दिए जाते हैं। इसके बावजूद कोई भी ऑपरेटर अपनी बसों के लिए यह अवकाश नहीं लेता है। कमाई के लालच में बस को बिना धुलाई के ही सुबह भेज दिया जाता है। रात को ट्रिप पूरे होने पर या निर्धारित किलोमीटर पूरे करने के बाद बस खड़ी कर दी जाती है। इस काम में इनका साथ बस संचालन से जुड़ा विभागीय स्टाफ देता है। इसके चलते ही यात्रियों को साफ-सुथरी बस नहीं मिल पा रही है।
मनमानी करने वालों को दिए जाएंगे नोटिस
सभी ऑपरेटरों को बस की धुलाई और टूट-फूट को सही कराकर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद भी कुछ ऑपरेटर मनमानी कर रहे हैं। इनकी सूची बनवाई जा रही है। जल्दी ही इन सभी को नोटिस जारी होंगे और मेंटेनेंस अवकाश हर हाल में दिया जाएगा। - राजेश कुमार, एआरएम भैसाली डिपो मेरठ रीजन