फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दिलचस्प कहानी: पूरे गांव में सिर्फ एक आदमी, अर्जुन ने यहीं बरगद के पेड़ पर रखे थे बाण, देखिए अब की तस्वीरें

Mon, 25 Jul 2022 10:58 PM IST
कपिल kapil शाह आलम त्यागी/अनुज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
शाह आलम त्यागी/अनुज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Mon, 25 Jul 2022 10:58 PM IST
विज्ञापन
Only one person in a village of Meerut and Arjuna had placed arrows on the banyan tree here
बरगद का पेड़। - फोटो : amar ujala

मेरठ जनपद में सरूरपुर क्षेत्र का गांव धनवालगढ़ उर्फ धनवाली खेड़ा के बारे में बताया जाता है कि हजारों वर्ष पूर्व आए भूचाल के कारण जमीन पलट गई थी। जिसके चलते गांव की जगह पर पेड़ व घासफूस उग आए थे। पुराने लोग बताते थे कि कुछ दिनों बाद महाभारत काल में पांचों पांडव वनवास के दौरान वनों में स्थित बरगद के पेड़ पर धनुर्धारी अर्जुन अपने धनुष बाण रखकर वनों में अपने भाइयों के साथ चले गए थे। 



करीब 40 साल से उज्जड़ खेड़ा के आश्रम में रहने वाले मौनी बाबा बताते हैं कि किवदंती के अनुसार हजारों वर्ष पूर्व एक भूचाल आया था, जिसमें सब कुछ बर्बाद और तहस नहस हो गया था। सरकारी अभिलेखों में गांव धनवाली खेड़ा के नाम से रकबा देखा गया। 

Only one person in a village of Meerut and Arjuna had placed arrows on the banyan tree here
गांव धनवालगढ़ उर्फ धनवाली खेड़ा - फोटो : amar ujala

मौनी बाबा ने बताया कि आठ दशक से अधिक समय से आसपास के लोग इस मार्ग से हरिद्वार से पुरा महादेव कांवड़ जल लेकर जाते रहे हैं। पहले तो उस बरगद के नीचे जिस पर अर्जुन ने बाण रखे थे, उसके पास शिवभक्तों को पानी पिलाया जाता था। वहीं अब आश्रम में बने मंदिर पर शिव भक्त जलाभिषेक करते हैं। 

Only one person in a village of Meerut and Arjuna had placed arrows on the banyan tree here
मंदिर - फोटो : amar ujala
बताया गया कि पिछले 25 सालों से उसी बरगद के नीचे शिविर लगाकर शिवभक्तों की सेवा की जाती है। वहीं मौनी बाबा ने बताया कि वर्तमान में गांव डाहर से जोड़ दिया गया है। यहां रकबा मात्र 35 बीघे रह गया है। जिस पर पांच मंदिरों के साथ यज्ञ स्थल व माता के मंदिर बने हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Only one person in a village of Meerut and Arjuna had placed arrows on the banyan tree here
मौनी बाबा। - फोटो : amar ujala

इस गांव में दो शिव मंदिर हैं। हनुमान व काली के मंदिर के साथ भगवान गणेश के मंदिर का भी निर्माण किया गया है। ब्लॉक के रिकॉर्ड में इस गांव की केवल एक ही वोट है। जो वहां के मौनी बाबा की है।

विज्ञापन
Only one person in a village of Meerut and Arjuna had placed arrows on the banyan tree here
मंदिर। - फोटो : amar ujala

बाबा ने बताया कि गांव के शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए हजारों शिवभक्त आते हैं। शिवभक्तों की सेवा के लिए आसपास के ग्रामीणों की मदद से 24 घंटे भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed