दिल्ली-एनसीआर की निजी कंपनियों में नौकरी करने वाले मेरठ के लोगों के लिए रात आठ बजे से शुरू होने वाला कर्फ्यू परेशानी बन गया है। इन लोगों का कहना है कि दिल्ली में ड्यूटी खत्म होने का समय शाम सात बजे से है, ऐसे में रात आठ बजे तक मेरठ अपने घर पहुंचना नामुमकिन है। रात के दस बज जाते हैं, ऐसे में मेरठ पुलिस नाइट कर्फ्यू का हवाला देकर कहीं चालान काट रही है तो कहीं अभद्रता और गालीगलौज करती है।
नाइट कर्फ्यू बना मुसीबत: दिल्ली-एनसीआर में नौकरी, लौटे तो शहर में नो एंट्री, कार सीज तो कहीं काटा ई चालान
दरअसल मेरठ में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में नौकरी करते हैं। ये लोग अपने वाहनों से दिल्ली से मेरठ अप-डाउन करते हैं। ऐसे में काम निपटाकर शाम 7 बजे के बाद ही ये लोग मेरठ अपने घर के लिए निकल पाते हैं। घर पहुंचते-पहुंचते रात के 10 या 11 बज जाते हैं।
दिल्ली में रात 10 बजे से कर्फ्यू रहता है जबकि मेरठ में रात 8 बजे से नाइट कर्फ्यू शुरू हो जाता है। ऐसे में रास्ते में पुलिस इन नौकरी पेशा लोगों को रोककर परेशान करती है। कई बार तो पुलिसकर्मी अभद्रता और गाली गलौज तक उतर आते हैं। आईकार्ड दिखाने के बावजूद पुलिस किसी तरह की कोई छूट नहीं देती है।
5 हजार का ई चालान काटा
जागृति विहार निवासी रूपेश हौजखास दिल्ली में नौकरी करते हैं। अपनी कार से आते-जाते हैं। शाम सात बजे ड्यूटी खत्म होने पर मेरठ पहुंचने में दो घंटे से ज्यादा लग जाते हैं।
रूपेश के अनुसार घर लौटते समय रात करीब 9 बजे रेलवे रोड चौराहे पर पुलिस ने रोक लिया और नाइट कर्फ्यू के नाम पर पांच हजार रुपये का ई-चालान कर दिया।
शहर में नहीं दी एंट्री
सोनीपत निवासी प्रवीन वर्मा निजी कंपनी में जॉब करते हैं। टूरिंग जॉब होने के कारण इन्हें मेरठ और आसपास के जिलों में आना-जाना पड़ता है। बुधवार को वे कंपनी के काम सहारनपुर गए थे।
मेरठ लौटते रात के साढ़े आठ बज गए। पुलिस ने उन्हें मेरठ की सीमा में घुसने नहीं दिया। पूरी रात गाड़ी में बिताई। अगली सुबह ही वे घर लौट पाए।
एक घंटे तक रोके रखा
गंगानगर निवासी अनुराग दिल्ली में एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी करते हैं। फिलहाल उन्हें सप्ताह में दो दिन दफ्तर जाना होता है, लेकिन इसमें भी मेरठ का नाइट कर्फ्यू परेशानी बन गया। कार से घर लौटते रात के दस बज गए।
सरधना अड्डा चौराहे पर पुलिस ने रोक लिया। आई कार्ड दिखाने के बावजूद पुलिसकर्मी नहीं माने और अभद्रता करने लगे। करीब एक घंटे तक पुलिस ने इन्हें रोके रखा। किसी से फोन करवाने के बाद उन्हें जाने दिया गया।