हादसे का मंजर देखकर लोगों के दिल दहल उठे, खतौली में रातभर 12 ट्रेनें क्रेक ट्रैक से गुजरीं

अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Sun, 20 Aug 2017 01:50 PM IST
मुजफ्फरनगर ट्रेन हादसा
मुजफ्फरनगर ट्रेन हादसा - फोटो : ANI
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस शनिवार की शाम करीब 5.40 बजे मुजफ्फरनगर के खतौली में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसकी 11 बोगियां पटरी से उतर गईं। इसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद तत्काल बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। थोड़ी ही देर में जिला प्रशासन की टीम और पुलिस के साथ ही रेलवे के अधिकारी कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। युद्धस्तर पर राहत और बचाव का काम शुरु कर दिया गया। दुर्घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन जहां दुर्घटना हुई है वहां शुक्रवार की रात ट्रैक में क्रैक था, जिसकी सुबह से ही मरम्मत का काम चल रहा था। यहां से कई ट्रेनों को कासन के साथ धीमी गति से चलाया गया, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्कल एक्सप्रेस की गति काफी तेज थी। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के मंजर देखकर लोगों के दिल दहल उठे थे। एक दूसरे पर चढ़ी बोगियों के अंदर से यात्रियों की अपने बचाव के लिए चीख निकल रही थी। 
विज्ञापन

एक्सप्रेस ट्रेन हादसे का मंजर देखकर लोगों के दिल दहल उठे 

रेल हादसा
रेल हादसा
हादसे की खबर सुनकर नगर के अलावा आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ घटनास्थल पर पहुंच गई थी। पुलिस और लोगों ने बोगियों के अंदर से यात्रियों को बाहर निकाला और एम्बुलेंस से मृतकों एवं घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। सीएचसी में रात के आठ बजे तक 12 शव पहुंच चुके थे। जिनमें एक युवती समेत आठ महिलाओं के शव थे। दिल्ली से चलकर अप-18477 कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन जैसे ही रेलवे स्टेशन से होकर ओवरब्रिज के नीचे से गुजरी तो जगत कालोनी के सामने हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेन की स्पीड़ काफी तेज थी। देखते ही 21 बोगियों की एक्सप्रेस ट्रेन के 11 डिब्बे पटरी उखाड़ते हुए उतर गए। तीन बोगियों एक दूसरे पर चढ़ गई। एक बोगी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इन बोगियों के भीतर से यात्रियों की चीखने की आवाज निकल गई थी। ट्रेन हादसे की जिसने भी खबर वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। ट्रेन का मंजर देखकर मौके पर एकत्र भीड़ के दिल दहल गए थे। 

दो बोगी इंटर कॉलेज की दीवार से टकरा कर रुकीं

रेल हादसा
रेल हादसा
मौके पर पहुंची पुलिस और लोगों ने बोगियों से यात्रियों को निकालना शुरु कर दिया। पुलिस व लोगों ने महिला समेत 12 मृतक यात्रियों समेत दर्जनों घायलों को बोगियों से बाहर निकालकर एम्बुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। ट्रेन हादसे की खबर सुनते नगर के अलावा आसपास देहात के ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। हादसा इतना जबरदस्त था कि तीन बोगियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ गईं। दो बोगी ट्रैक से उतरकर तिलकराम इंटर कालेज की दीवार से टकराकर रुकीं। ट्रेन की एक बोगी जगत कालोनी गेट के पास स्थित चौधरी जगत सिंह के मकान में घुस गई। यहां से पांच-छह घायलों को निकालकर अस्पताल भिजवाया गया। छह बोगी इंजन के साथ आगे चली गईं, करीब एक किलोमीटर आगे जाकर चालक ने ट्रेन को रोका। हादसे के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों में चीख पुकार मच गई। लोगों ने बोगियों से निकाल कर सभी घायलों को सांमुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया यहां 12 लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

संजीव बालियान मौके पर पहुंचे

रेल हादसा
रेल हादसा
मृतकों में सात महिलाएं और एक बच्ची भी है। इसके अलावा यहां लाए गए 60 घायलों को प्राथमिक उपचार किया गया। इनमें से कुछ गंभीर घायलों को बेगराजपुर मेडिकल कालेज और मेरठ मेडिकल कालेज अस्पताल भेज दिया गया। कुछ को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। आसपास के जिलों की एंबुलेंस भी खतौली बुला ली गई हैं। मृतकों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। एक दूसरे के ऊपर चढ़ बोगियों को काटकर अंदर फेसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान भी मौके पर पहुंच गए। वह स्वयं भी राहत कार्य में जुटे रहे। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को हर तरह की मदद उपलब्ध कराई जा रही। हालांकि प्राथमिकता घायलों के मुकम्मल इलाज की है। इसके लिए सभी उपाय कर लिए गए हैं। एटीएस और एसटीएफ टीम उत्कल एक्सप्रेस हादसे में आतंकी साजिश होने का अंदेशा भी जताया जा रहा हैं।

जांच करने पहुंची खतौली

रेल हादसा
रेल हादसा
इसकी जांच के लिए दिल्ली से एक स्पेशल दस्ता, एटीएस और एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंच गयी हैं। वेस्ट यूपी में स्वतंत्रता दिवस पर भी आतंकी घटना के इनपुट खुफिया विभाग को मिले थे। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार पुलिस टीम के साथ खतौली पहुंचे। उन्होंने मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर समेत कई जिलों से पुलिस फोर्स को खतौली पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह घटना हादसा है या आतंकी साजिश, इसकी जांच में एटीएस समेत कई जुट गईं हैं। रेलवे अधिकारी ही पहली रिपोर्ट देंगे, उसके बाद अन्य बिंदुओं पर जांच होगी। खतौली में हुए रेल हादसे के पीछे रेलवे विभाग की लापरवाही भी सामने आ रही है। ट्रैक क्षतिग्रस्त है, यह बात जानकारी में होने के बाद भी रेलवे विभाग इस हादसे को नहीं रोक पाया, इससे कई सवाल उठ रहे हैं। क्या ट्रैक क्षति की आंकलन ठीक से नहीं किया गया। बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस ट्रैक की पटरी को बदला गया था, उस पर तेज रफ्तार से ट्रेन कैसे दौड़ रही थी।

एडीजी ने किया जिलों को अलर्ट

रेल हादसा
रेल हादसा
सही स्थिति को जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन यह रेल हादसा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर गया है। रेल यात्रियों ने भी बताया कि जिस समय हादसा हुआ, उस समय ट्रेन की स्पीड़ काफी तेज थी। अचानक ब्रेक लगाए जाने को हादसे की एक वजह बताया जा रहा है। शुक्रवार रात में ही पटरी में क्रेक आ गया था और क्षतिग्रस्त ट्रैक से ही करीब 12 ट्रेनें गुजरीं। रात में रेलवे विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। जिस कारण रात में शालीमार, इंटरसिटी, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस मालगाड़ी सहित करीब एक दर्जन ट्रेनें इस टूटे हुए रेलवे ट्रैक से धड़ाधड़ गुजरती रही। शनिवार की सुबह पैट्रोलिंग के दौरान ट्रैक क्षतिग्रस्त होने का पता चला सका। जिसके बाद रेलवे विभाग में हडकंप मच गया। शनिवार सुबह के बाद सभी ट्रेनें को धीमी गति से निकलवाया गया और क्षतिग्रस्त हुए हिस्से को बदला गया था। ऐसी स्थिति में क्षतिग्रस्त ट्रैक या जिस ट्रैक की मरम्मत की जा रही हो, उस पर कासन देकर ट्रेनों कम स्पीड से गुजारा जाता है।

रातभर 12 ट्रेनें क्रेक ट्रैक से गुजरीं 

मुजफ्फरनगर रेल हादसा
मुजफ्फरनगर रेल हादसा
अब सवाल है कि कलिंग उत्कल कैसे यहां से इतनी तेजरफ्तार से गुजरी। उसे कासन नहीं दिया गया था या फिर ट्रेन के चालक ने कासन नहीं देखा। हादसे से पहले स्टेशन मास्टर राजेंद्र कुमार ने बताया था कि रेलवे ट्रैक के क्रेक होने की जानकारी मिलने पर उस टुकड़े को बदलवा दिया गया है। ट्रैक अक्सर क्रेक हो जाते हैं। इस पर से ट्रेनों के गुजरने से कोई नुकसान नहीं होता है। ट्रैक को चेक करने को लगातार पैट्रोलिंग की जाती है। उनका बयान ही यह बता रहा है कि उन्होंने उस समय किस तरह से ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने की घटना को लिया था।
 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00