मेरठ के सदर थाना इलाके के तेली मोहल्ला निवासी प्रियंका (33) की मौत का कारण शनिवार को भी पहेली बना रहा। प्रियंका की मौत के कुछ दिन तक उसके पिता उदयभानु विश्वास (76) शव के साथ रहा और पांच दिसंबर 2025 को फिर हरिद्वार चला गया।
पांच महीने बाद शुक्रवार को वह वापस लौटे तो प्रियंका के शव (कंकाल) को उसके घर से बरामद कर लिया गया। उदयभानु बेटी का मोबाइल लेकर हरिद्वार गया था। दो बार मेरठ आने के बावजूद उन्होंने किसी को बेटी की मौत की सूचना नहीं दी।
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घर में लड़की का कंकाल मिला
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रियंका की मौत बीमारी से हुई थी या हत्या की गई इसका खुलासा उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उसके मोबाइल से होगा। सदर बाजार थाना पुलिस ने उदयभानु और झाड़-फूंक करने वाले को थाने लाकर गहनता से पूछताछ की।
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घर में लड़की का कंकाल मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उदयभानु ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी प्रियंका को पीलिया हो गया था। मेहताब सिनेमा के पास झाड़-फूंक करने वाले को भी उन्होंने अपनी बेटी को कई बार दिखाया लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई और उसकी मौत हो गई। वह पांच दिसंबर 2025 को बेटी के शव को छोड़कर हरिद्वार चला गया।
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घर में लड़की का कंकाल मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उदयभानु का कहना है कि उसे याद नहीं है कि बेटी की मौत कब हुई लेकिन वह उसकी मौत के तीन चार दिन बाद हरिद्वार गया। वह तब तक बेटी के शव के साथ ही घर में रहे थे। हरिद्वार जाकर वह स्वामी नाम के आश्रम या गेस्ट हाउस में रुके थे। प्रियंका के मोबाइल को उन्होंने हरिद्वार के उसी कमरे में छोड़ दिया जहां वह ठहरे थे।
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घर में लड़की का कंकाल मिलने के बाद मौके पर जमा भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस उदयभान को हरिद्वार ले जाकर मोबाइल बरामद करेगी। वह इस बीच में दो बार मेरठ आए। उन्हें गली में रहने वाले लोगों ने भी देखा था लेकिन परिजन की उन पर नजर नहीं पड़ी। उनका कहना था कि वह पेंशन के काम से मेरठ आए थे।