मुजफ्फरनगर में जानसठ के सालारपुर स्थित होटल पर पुलिसकर्मियों पर हमला कर पुलिस अभिरक्षा से फरार होने वाला सुपारी किलर रोहित बेहद शातिराना तरीके से अपराधों को अंजाम देता है।
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लाल टोपी में शातिर अपराधी
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बड़ी वारदातों में खुद शामिल होने के बजाय वह अपने गुर्गों का इस्तेमाल करता है। इसके चलते जो भी बड़ी वारदातें उसके द्वारा अब तक अंजाम दी गईं हैं, उनमें से अधिकांश में वह महज 120-बी का ही मुजरिम है।
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बदमाश रोहित की तलाश
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मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जौहरा निवासी रोहित पुत्र नेपाल केवल आठ साल के भीतर ही पश्चिमी यूपी में अपराध की दुनिया का बड़ा खिलाड़ी बन गया है। महज 26-27 साल की उम्र में ही कई बड़ी वारदातों के अंजाम देने वाले शॉर्प शूटर रोहित ने यूं तो वर्ष 2011 में पहली बार अपराध किया था, जिसमें उसके खिलाफ मंसूरपुर थाने में ही मुकदमा दर्ज हुआ था।
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यूपी पुलिस
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इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वर्ष 2012 जाते-जाते उसके खिलाफ कुल आठ मुकदमे मंसूरपुर थाने में दर्ज हो चुके थे, जिसके चलते उस पर गुंडा एक्ट भी लगाई गई। इन मुकदमों में जेल जाने के दौरान उसने जिला कारागार में रहते हुए ही अपना नेटवर्क खड़ा करना शुरू कर दिया था, जिसमें उसने नई उम्र के लड़कों को तरजीह देते हुए उनसे अपराधकारित कराने शुरू किए।
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यूपी पुलिस
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वहीं वर्ष 2012 के बाद जो भी बड़े अपराध रोहित ने अंजाम दिए, उनमें उसने कम उम्र के लड़कों का ही इस्तेमाल किया। मंसूरपुर शुगर मिल के जीएम से रंगदारी मांगने और नहीं देने पर उस पर कातिलाना हमला कराने, मंसूरपुर में ही सराफ से रंगदारी मांगने और फायरिंग कराने के साथ ही सुशील मूंछ के करीबी यशपाल राठी की 25 जनवरी वर्ष 2017 में हाईवे पर की गई सनसनीखेज हत्या को रोहित ने जेल में रहते हुए अपने गुर्गों से ही अंजाम दिलाया।