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UP: दस बार देखा क्राइम पेट्रोल...फिर कार खरीदी, अपनी कद-काठी के सोनू को जिंदा जलाया; डॉक्टर ने इसलिए रची साजिश
Sun, 29 Dec 2024 09:46 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 29 Dec 2024 09:46 AM IST
सार
बागपत के यूनानी चिकित्सक ने खुद को मृत दिखाने के लिए एक युवक को कार में जिंदा जला दिया। उसका मकसद था कि इससे वह लोन के 20 से 25 लाख रुपये चुकाने से बच जाएगा। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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saharanpur murder
- फोटो : अमर उजाला
बागपत निवासी यूनानी डॉक्टर मुबारिक ने कर्ज चुकाने से बचने के लिए खुद को मृत दिखाने की साजिश क्राइम पेट्रोल देखकर रची। उसने एक महीने पहले पुरानी कार खरीदी। इसके बाद अपनी ही कद काठी के एक युवक को ढूंढा। युवक को शराब पिलाकर कार में जिंदा जला दिया।
इसी कार में सोनू को जिंदा जलाया गया था
- फोटो : पुलिस
एक महीने पहले डॉक्टर ने खरीदी कार
योजना में कोई चूक न हो इसके लिए उसने एक एपिसोड करीब दस बार देखा। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए अब उसे एक कार और एक शव की आवश्यकता थी। जिससे वह खुद को मृत साबित कर सके। एक महीने पहले उसने 26 हजार रुपये में पुरानी मारुति 800 कार खरीदी। अब उसे एक शव की तलाश थी, जिसकी कद काठी उससे मिलती जुलती हो। काफी ढूंढने के बाद भी उसे शव नहीं मिला। इस बीच वह अपने बहनोई के कारखाने में पहुंचा। वहां उसने सोनू को देखा जो कद काठी में उसके जैसा ही था। सोनू यमुनानगर से आकर मोहल्ला हबीबगढ़ में रह रहा था। डॉक्टर ने सोनू से दोस्ती कर ली।
योजना में कोई चूक न हो इसके लिए उसने एक एपिसोड करीब दस बार देखा। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए अब उसे एक कार और एक शव की आवश्यकता थी। जिससे वह खुद को मृत साबित कर सके। एक महीने पहले उसने 26 हजार रुपये में पुरानी मारुति 800 कार खरीदी। अब उसे एक शव की तलाश थी, जिसकी कद काठी उससे मिलती जुलती हो। काफी ढूंढने के बाद भी उसे शव नहीं मिला। इस बीच वह अपने बहनोई के कारखाने में पहुंचा। वहां उसने सोनू को देखा जो कद काठी में उसके जैसा ही था। सोनू यमुनानगर से आकर मोहल्ला हबीबगढ़ में रह रहा था। डॉक्टर ने सोनू से दोस्ती कर ली।
सोनू का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कार में पेट्रोल डालकर लगाई आग
22 दिसंबर की शाम उसने सोनू को ढाबे पर बुलाया। वहां से मंडी समिति रोड पर एक ठेके से उसने शराब खरीदी। इसके बाद अपनी पुरानी कार में सोनू को बैठकर बिजोपुरा के पास नहर की पटरी पर गया। वहां दोनों ने शराब पी। इस दौरान सोनू के गिलास में नशे की गोलियां डाल दीं, जिससे वह बेसुध हो गया। डॉक्टर ने उसके गले से चेन निकाल ली। इसके बाद कार में पेट्रोल डालकर आग लगा दी और वहां से भाग निकला, लेकिन अपनी एक गलती की वजह से वह पकड़ा गया।
22 दिसंबर की शाम उसने सोनू को ढाबे पर बुलाया। वहां से मंडी समिति रोड पर एक ठेके से उसने शराब खरीदी। इसके बाद अपनी पुरानी कार में सोनू को बैठकर बिजोपुरा के पास नहर की पटरी पर गया। वहां दोनों ने शराब पी। इस दौरान सोनू के गिलास में नशे की गोलियां डाल दीं, जिससे वह बेसुध हो गया। डॉक्टर ने उसके गले से चेन निकाल ली। इसके बाद कार में पेट्रोल डालकर आग लगा दी और वहां से भाग निकला, लेकिन अपनी एक गलती की वजह से वह पकड़ा गया।
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हत्या का आरोपी मुबारिक
- फोटो : अमर उजाला
ऐसी योजना बनाई कि पुलिस को पता न चले
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि उसने ऐसा प्लान बनाया कि हत्या का पुलिस को पता न चल सके। कार में युवक को जिंदा जलाने की योजना बनाई। इसके बाद उसने ऐसी जगह तलाश की, जहां न कैमरे हों और न ही लोगों की ज्यादा आवाजाही हो। उसने सोचा कि अगर रात के समय कार में आग लगाई तो लोगों को भनक नहीं लगेगी और काम भी आसानी से हो जाएगा। उसने कई स्थानों की रेकी की। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर हत्यारोपी के बहनोई के कारखाने तक 60 से अधिक सीसीटीवी खंगाले।
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि उसने ऐसा प्लान बनाया कि हत्या का पुलिस को पता न चल सके। कार में युवक को जिंदा जलाने की योजना बनाई। इसके बाद उसने ऐसी जगह तलाश की, जहां न कैमरे हों और न ही लोगों की ज्यादा आवाजाही हो। उसने सोचा कि अगर रात के समय कार में आग लगाई तो लोगों को भनक नहीं लगेगी और काम भी आसानी से हो जाएगा। उसने कई स्थानों की रेकी की। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर हत्यारोपी के बहनोई के कारखाने तक 60 से अधिक सीसीटीवी खंगाले।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
असारा से 20 साल पहले चला गया था मुबारिक
कर्ज चुकाने से बचने के लिए सहारनपुर में युवक को कार में जिंदा जलाने वाला मुबारिक असारा गांव का रहने वाला है, जो बीस साल पहले गांव छोड़कर चला गया था। मुबारिक चार-पांच महीने में गांव में आता था और परिजनों से मिलकर वापस चला जाता था। असारा गांव के शमीम के तीन बेटों में सबसे छोटा बेटा मुबारिक सहारनपुर के हबीबगढ़ में क्लीनिक चलाता था। शमीम भी कई साल पहले मुबारिक के पास जाकर रहने लगा था।
कानपुर की निकली कार
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि कार का नंबर ट्रैस किया तो वह कानपुर की निकली। कार आठ बार बिक चुकी थी। आठवीं बार हत्यारोपी डॉ. मुबारिक ने खरीदी। उसका मोहल्ला हबीबगढ़ में क्लीनिक है, जो कई वर्षों से चला रहा था। हत्यारोपी अपने पास यूनानी की डिग्री होना बता रहा है।
कर्ज चुकाने से बचने के लिए सहारनपुर में युवक को कार में जिंदा जलाने वाला मुबारिक असारा गांव का रहने वाला है, जो बीस साल पहले गांव छोड़कर चला गया था। मुबारिक चार-पांच महीने में गांव में आता था और परिजनों से मिलकर वापस चला जाता था। असारा गांव के शमीम के तीन बेटों में सबसे छोटा बेटा मुबारिक सहारनपुर के हबीबगढ़ में क्लीनिक चलाता था। शमीम भी कई साल पहले मुबारिक के पास जाकर रहने लगा था।
कानपुर की निकली कार
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि कार का नंबर ट्रैस किया तो वह कानपुर की निकली। कार आठ बार बिक चुकी थी। आठवीं बार हत्यारोपी डॉ. मुबारिक ने खरीदी। उसका मोहल्ला हबीबगढ़ में क्लीनिक है, जो कई वर्षों से चला रहा था। हत्यारोपी अपने पास यूनानी की डिग्री होना बता रहा है।