बिजनौर के जजी में स्थित सीजेएम कोर्ट में पेशी पर आए बदमाश की सरेआम कोर्ट रूम के भीतर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। सात माह पहले हुई बसपा नेता हाजी अहसान की हत्या का बदला लेने के लिए इस सनसनीखेज वारदात को पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया।
अदालत में हत्या: कौन थी वो महिला जो थैले में लेकर आई पिस्टल, अपना काम कर चलती बनी, पुलिस...
हाजी अहसान की दूसरी पत्नी का बेटा साहिल अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ आया था। एक महिला पिस्टलों को थैले में छिपाकर लाई थी। सीजेएम कोर्ट से पहले ही पिस्टल तीनों हत्यारों को दे दी गईं।
महिला हत्या के दौरान सीजेएम कोर्ट के बाहर मौजूद थी। अन्य शूटर भी कोर्ट के आसपास मौजूद थे ताकि शाहनवाज व जब्बार के भागने पर वह उन्हें भून सकें। तीनों हत्यारोपी आराम से सीजेएम कोर्ट के अंदर मौजूद थे। किसी को उन पर कोई शक नहीं था। शाहनवाज व जब्बार भी उन्हें नहीं पहचानते थे।
शाहनवाज व जब्बार की हत्या का ताना-बाना 28 मई को हाजी अहसान व शादाब की हत्या के बाद से ही बुनना शुरू हो गया था। हाजी अहसान की हत्या के बाद शाहनवाज गैंग के निशाने पर किरतपुर के चेयरमैन अब्दुल मन्नान व उसकी बहन रिजवाना थीं।
रिजवाना नजीबाबाद निवासी हाजी अहसान की दूसरी पत्नी है। रिजवाना बिजनौर के शीलकुंज कॉलोनी में रहती है। जबकि अहसान की पहली पत्नी नजीबाबाद में रहती है। हत्या के लिए रिजवाना के बेटे साहिल को तैयार किया गया।
सूत्रों के मुताबिक काफी दिनों से तीनों हत्यारोपियों को गोली चलाने की ट्रेनिंग भी दी जा रही थी। उन्हें गोली चलाने में पूरी तरह पक्का कर दिया गया। मंगलवार सुबह तीनों ही कोर्ट पहुंच गए। ये तीनों बिना किसी हथियार के कोर्ट परिसर में पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक एक महिला थैले में छिपाकर पिस्टल लेकर कोर्ट पहुंची थी। महिला पर किसी को शक भी नहीं हुआ।