पुलिस जांच के अनुसार रिटायर्ड अधिकारी विमलचंद के घर पर 13 कैमरे लगे थे। इन कैमरों का एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया था, लेकिन इसी बीच उसे अपने घर के कुछ कैमरे खराब होने की जानकारी हुई। उसने टेक्निशियन को कैमरे ठीक करने के लिए बुलाया और इसके बाद खुलनी शुरू हुई विमलचंद की घिनौनी हरकतों की तह।
कैमरा खराब नहीं होता तो कभी न खुलता बच्चियों से दरिंदगी का राज, ऐसे हुआ घिनौनी हरकतों का पर्दाफाश
कैमरे खराब होने के बाद मकान मालिक विमल चंद ने कैमरों के लिए टेक्निशियन आशू को बुलाया। जब आशू ने कैमरों की डीवीआर देखी तो पता चला कि मकान मालिक अपने घर में बच्चियों को बुलाकर दरिंदगी करता है। कैमरे ठीक करने के बाद आशू ने कैमरों की डीवीआर का रिकॉर्ड अलग से एक पेन ड्राइव में सेव कर लिया।
एसएसपी नितिन तिवारी ने प्रेसवार्ता में बताया कि आशू ने इस मामले में विमलचंद के घर पर एक पेन ड्राइव देते हुए कहा कि उसकी सारी करतूत उसके पास आ गई है। जिसके बाद दोनों के बीच मोबाइल पर मेसेज भी हुए। कैमरे ठीक करने के नाम पर आशू ने 80 हजार रुपये भी लिए।
राज खुलने के डर से बंद करा दिए थे कैमरे
जब विमलचंद को पता चला कि आशू के पास वीडियो फुटेज पहुंच गई और यह राज खुल सकता है तो विमलचंद ने अपने घर के सभी कैमरों को बंद करा दिया और एक सीक्रेट कैमरा अपने शयन कक्ष में लगा दिया।
पुलिस ने नवंबर 2018 तक की फुटेज और कुछ अन्य फोटो को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। वहीं पुलिस ने कैमरों के टेक्निशियन आशू से दो पेनड्राइव भी बरामद की है। एक पेनड्राइव इसलिए जिससे किसी को पता नहीं चले कि अन्य रिकॉर्ड भी है। सभी कैमरों और पेनड्राइव को आरोपी आशू एक महिला के घर पर रखकर आया था। जहां से पुलिस ने सारा सामान बरामद करते महिला से भी पूछताछ की।