मेरठ में सरधना विधानसभा क्षेत्र के गांव कपसाड़ और सलावा में लगाए गए सम्राट मिहिर भोज द्वार को लेकर चल रहे विवाद ने फिर से तूल पकड़ लिया। हाईकोर्ट और राज्य सरकार के आदेश जारी होते ही मंगलवार को जाति लिखे बोर्ड शहर और देहात के विभिन्न हिस्सों से हटाए जाने लगे। प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए सुरक्षा बल तैनात किए और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास शुरू कर दिए।
मिहिर भोज विवाद: HC का आदेश आते ही हटने लगे जाति लिखे बोर्ड, 22 भेजे जेल, सांसद चंद्रशेखर ने लिखी लंबी पोस्ट
सम्राट मिहिर भोज विवाद मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद मेरठ के दौराला क्षेत्र में जाति लिखे बोर्ड हटाए जाने लगे हैं। गुर्जर महापंचायत पर रोक के दौरान 22 लोग गिरफ्तार हुए थे। सांसद चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट लिखकर सरकार और जातिवाद पर सवाल उठाए है।
जाति बोर्ड का विवाद और पुलिस की लापरवाही
मेरठ के गांवों में जाति लिखे स्वागत बोर्ड एक आम प्रथा बन चुके थे। इन बोर्डों ने महापुरुषों की जाति दर्शाने के नाम पर विवाद पैदा किया। प्रारंभिक दौर में प्रशासन की लापरवाही ने स्थिति को और जटिल बना दिया। दादरी गांव का मामला इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां विवाद बढ़ने से पहले कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
अब आदेश के बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है और सभी विवादित बोर्ड हटाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी तरह के विवाद से पहले ही निपटा जा सके।
गुर्जर महापंचायत और हिंसा, 22 लोगों की हुई गिरफ्तारी
रविवार को गुर्जर महापंचायत को रोकने की कोशिश के दौरान हिंसक घटनाएं सामने आईं। कुछ युवकों ने पुलिस पर पथराव किया और कानून-व्यवस्था को भंग करने का प्रयास किया।
इस हिंसा के आरोप में 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें मुख्य आरोपी अभिनव मोतला भी शामिल हैं। इस घटना में एक उप निरीक्षक और एक कांस्टेबल घायल हुए। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
अभिनव मोतला के आह्वान पर हुआ था पंचायत का आयोजन
कपसाड़ गांव के स्वागत बोर्ड पर सम्राट मिहिर भोज के नाम के आगे ‘क्षत्रिय’ लिखा था। इसी के विरोध और समर्थन के मुद्दे को लेकर अभिनव मोतला ने गुर्जर स्वाभिमान पंचायत बुलाने का आह्वान किया।
उन्होंने सोशल मीडिया और गांव-गांव संपर्क के माध्यम से लोगों को 21 सितंबर को दादरी में पंचायत में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों ने इस पंचायत का समर्थन नहीं किया और घटना स्थल पर उपस्थित नहीं हुए।
दादरी पहुंचने पर पुलिस की कार्रवाई
अभिनव मोतला और उनके समर्थक दादरी पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गांव में प्रवेश नहीं दिया। इस दौरान कुछ युवकों ने पुलिस पर पथराव किया। सुरक्षा बल ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा और घायल पुलिसकर्मियों का उपचार कराया गया। घटना के दौरान गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कि स्थिति और बिगड़े नहीं।