उत्तर प्रदेश के मेरठ में नकली शक्तिवर्धक दवाओं और नकली फूड सप्लीमेंट का कारोबार लगातार फल फूल रहा है। शनिवार को मेरठ सर्विलांस टीम ने कंकरखेड़ा में एक मकान पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली शक्तिवर्धक दवाओं और फूड सप्लीमेंट बनाने के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में सामने आया कि युवक घर पर ही नकली स्टेरॉयड और फूड सप्लीमेंट तैयार कर रहा था।
रहें सावधान: मेरठ में फल-फूल रहा नकली स्टेरॉयड व फूड-सप्लीमेंट का कारोबार, ऐसे युवा टारगेट पर
पशुओं को दी जाने वाली दवाएं भी शामिल
हाल ही में सर्विलांस टीम ने मेरठ के खैरनगर में छापा मारकर नकली दवाओं के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया था। खैरनगर में फूड सप्लीमेंट्स की दुकान से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने फूड सप्लीमेंट और स्टेरॉयड के सैंपल लिए थे। इनमें से कई दवाएं ऐसी भी थीं जो जानवरों को भी दी जाती हैं। इन दवाओं के मैन्युफैक्चरिंग पर बैंकाक, यूएस और रूस आदि लिखा हुआ था।
वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि उनकी तीन सदस्य टीम ने खैरनगर से दो और कोतवाली क्षेत्र से एक सैंपल प्रोटीन पाउडर और वेट गेनर (वजन बढ़ाने वाला) के लिए थे, जो लैब में जांच के बाद नकली निकले। अधिकारियों की मानें तो इन दवाओं का इस्तेमाल शरीर को मजबूत तो दिखाता है लेकिन उसमें तरह तरह की बीमारियां घर कर जाती हैं।
घर में ही बनाए जा रहे गेनर और अन्य सप्लीमेंट
कंकरखेड़ा में शनिवार को फिर से सर्विलांस टीम ने ऐसे ही रैकेट का खुलासा कर एक आरोपी शाहरुख को हिरासत में लिया है। मौके से काफी संख्या में नकली शक्तिवर्धक इंजेक्शन मिले हैं। इसके अलावा घर में ही बनाए जा रहे वेट गेनर व अन्य फूड सप्लीमेंट्स का सामान भी बरामद हुआ है। मकान के तहखाने से नकदी भी बरामद हुई है।
दस साल में करोड़पति बन गए आरोपी
बता दें कि पुलिस जांच पड़ताल में सामने आया कि दवा बाजार में नकली फूड-सप्लीमेंट और शक्तिवर्धक इंजेक्शन बेचने के आरोपी 10 वर्ष में ही करोड़पति बन गए थे। एसओजी की जांच में पता चला है कि दस वर्ष पहले इनमें से कोई साइकिल में पंचर लगाता था तो कोई मजदूरी करता था। एसपी क्राइम अनित कुमार ने बताया कि ऐसे 12 लोग चिह्नित किए गए थे। आरोपी शाहरुख भी इसी नेटवर्क को तो नहीं है इसकी जांच की जा रही है।
चार से छह हजार में बेचा जाता है नकली फूड सप्लीमेंट
मेरठ में हापुड़ रोड पर दो साल पहले नकली फूड-सप्लीमेंट बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई थी। मंगलवार को गिरफ्तार किए गए दाउद का भाई तब फैक्टरी के मामले में जेल गया था। पुलिस का मानना है कि फैक्टरी बंद कर इन लोगों ने खैरनगर में धंधा शुरू कर दिया। अब ये अमेरिका, रूस, बैंकाक की कंपनियों के रैपर लगाकर 200 रुपये की लागत में नकली सप्लीमेंट तैयार कर चार से छह हजार तक में बेचते थे। इसके लिए आरोपियों ने एजेंटों का नेटवर्क भी बना रखा था। एसओजी प्रभारी रामफल सिंह ने बताया कि ये खेलों और भर्तियों में जाने के इच्छुक युवाओं को टारगेट बनाते थे।