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विकास जैन का शातिर दिमाग, जीएसटी बिलों में किया करोड़ों का फर्जीवाड़ा, सच्चाई जान अफसर भी हैरान, तस्वीरें

Thu, 04 Feb 2021 01:10 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 04 Feb 2021 01:10 PM IST
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Meerut News: Vikas Jain have make fake 200 crore in GST bills
आरोपी विकास जैन गिरफ्तार और बरामद की गई रकम। - फोटो : अमर उजाला

विकास जैन ने जिस तरह से फर्जीवाड़ा किया, उसे जीएसटी की भाषा में ‘टैक्सी फर्म’ कहते हैं। ये सिर्फ दर्शाई जाती हैं, लेकिन हकीकत में होती नहीं हैं। उनकी जगह घर या दुकान होते हैं। आरोपी की सच्चाई जानकर अधिकारी भी हैरान रह गए।



गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के तहत इनपुट क्रेडिट टैक्स (आईटीसी) के जरिए फर्जी तरीके से क्लेम कर सरकार को चूना लगाया जा रहा है। अब तक केंद्रीय व राज्य की जांच एजेंसियां करोड़ों की टैक्स चोरी के मामले पकड़ चुके हैं। ऐसी दो दर्जन से ज्यादा फर्म सीजीएसटी और डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीएसटीआई) के रडार पर हैं। मेरठ और आसपास के जिलों में भी आईटीसी के तहत की गई टैक्स चोरी पकड़ी जा रही है।

Meerut News: Vikas Jain have make fake 200 crore in GST bills
आरोपी विकास जैन गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

दरअसल, जीएसटी लागू होने के बाद फर्जी तरीके से बनाई गई फर्मों के जरिए फर्जीवाड़ा चल रहा है। ऐसी फर्मों को चिह्नित किया जा रहा है, जिन्होंने पांच करोड़ रुपये से ज्यादा का आईटीसी क्लेम लिया है। इसके अलावा वह फर्में भी रडार पर हैं, जो जीएसटी लागू होने के बाद बनाई गई हैं। इसके पीछे सबसे खास वजह यह है कि पांच करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सकता है। वहीं अधिकारियों का मानना है कि टैक्स चोरी रोकने के लिए जालसाजों को जेल भेजा जाना जरूरी है। जिन फर्मों को रडार पर लिया गया है, उनमें से कई के बैंक खाते आईटीसी क्लेम लेने के बाद बंद हो गए।

Meerut News: Vikas Jain have make fake 200 crore in GST bills
आरोपी विकास जैन गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

ऐसे कर रहे फर्जीवाड़ा
जालसाज बड़े पैमाने पर फर्जी टैक्स इनवॉइस तैयार करते हैं। इसके बाद इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम करते हैं। फर्जी कंपनियां को सिर्फ कागजों में बनाते हैं। कंपनियों का कहीं कोई ऑफिस नहीं होता है। इन कंपनियों को जीएसटी के तहत पंजीकृत भी करा दिया जाता है। कामकाज के फर्जी बिल बनाए जाते हैं। बिना किसी लेन-देन के कंपनियों के नाम पर व्यापार दिखा कर टैक्स इनवॉइस तैयार कर लेते हैं। सरकार इन्हें रिफंड भी देती है।

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Meerut News: Vikas Jain have make fake 200 crore in GST bills
आरोपी के पास बरामद रकम। - फोटो : अमर उजाला

चालक की आईडी पर ले रखा था सिम 
विकास जैन दो साल से सीजीएसटी को चकमा दे रहा था। उसने अपने और परिजनों के मोबाइल नंबर भी अपने चालक आदि के नाम से ले रखे थे। इन दो सालों में वह सिर्फ मोबाइल पर बात करता था, किसी से भी व्यक्तिगत तौर पर नहीं मिलता था। फर्म बनाने के लिए जिस व्यक्ति की आईडी इस्तेमाल करता था, उसे दो से पांच हजार रुपये मासिक देता था। इसने कैश और बिल लाने के लिए कर्मचारी भी रखे हुए थे। इसका पूरा सिंडिकेट गाजियाबाद के एक रिहायशी फ्लैट से चलाया जा रहा था। यह सीमेंट, सरिया और अन्य निर्माण सामग्री के फर्जी बिल काटता था, मगर माल की आपूर्ति नहीं करता था।

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Meerut News: Vikas Jain have make fake 200 crore in GST bills
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

एक साल में 4000 करोड़ के फर्जी बिल पकड़े
सीजीएसटी की टीम ने एक साल में करीब चार हजार करोड़ रुपये के फर्जी बिल पकड़े हैं। सात लोगों को गिरफ्तार किया है। तीन करोड़ रुपये बरामद किए हैं। फर्जीवाड़ा करने वालों से 20 करोड़ रुपये का जीएसटी भी वसूला है। 

ऐसे किया फर्जीवाड़ा
विकास ने बड़ी कंपनियों से सीमेंट और सरिया लिया और उसे छोटी-छोटी फर्म और दुकानों पर बिक्री कर दिया। उनसे सारा पैसा कैश में ले लिया। कंपनियों से बिलों के जरिए फर्जी बिल बनाकर एक बिल्डर को दे दिए। उससे भी कमीशन लिया।

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