दिनभर पत्नी अपने पति के आने का बेसब्री से इंतजार करती रही और रात नौ के बाद उन्हें मौत की खबर मिली तो वह बेसुध हो गईं। मोहल्ले की महिलाओं ने उन्हें किसी तरह संभाला। हवलदार राजेंद्र सिंह 14 दिन की छुट्टी लेकर घर आए थे।
मूल रूप से बागपत के खेड़ा हटाना निवासी राजेंद्र तीन महीने पहले ही ड्यूटी पर गए थे। अब वह किसी काम से आए थे। दिनभर पत्नी राजेश और दोनों बेटे पिता के आने का इंतजार कर रहे थे।
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फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
पत्नी से कई बार फोन पर बात भी हुई। शाम के समय उन्होंने मोदीपुरम पहुंचने पर सूचना दी थी। कहा था कि थोड़ी देर में घर पहुंच जाएंगे। लेकिन जब वह नहीं पहुंचे तो पत्नी ने फोन किया।
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जांच करती पुलिस।
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फोन अस्पताल में एक कर्मचारी ने उठाया और बोला कि उनका एक्सीडेंट हो गया है। परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। रात तक उनके अन्य परिजन भी पहुंच गए।
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फाइल फोटो।
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बेटा बोला- पढ़ाई के लिए शिफ्ट किया था मकान
राजेंद्र के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा लक्ष्य है। जिसने करीब तीन महीने पहले ही आईएचएम कॉलेज में एडमिशन लिया था। छोटा बेटा लक्षित भी तैयारी कर रहा है।
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फाइल फोटो।
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लक्ष्य ने बताया कि तीन महीने पहले ही उन्होंने पल्लवपुरम में किराए का मकान लिया था। मेरी पढ़ाई की वजह से परिवार शामली से यहां शिफ्ट हुआ था। लक्ष्य ने बताया कि उसके पिता पल्लवपुरम में मकान को शिफ्ट कराने के बाद सितंबर में चले गए थे।