मेरठ जनपद के किठौर में गुरुवार की शाम करीब साढ़े सात बजे 25 वर्षीय मुतल्लिब की उसी के चार दोस्तों ने घर से बुलाकर बीच सड़क पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी।
सीने पर बरसाईं गोलियां: मुतल्लिब की हत्या के बाद खुले शोएब के बड़े राज, करता रहा वारदात, सोती रही पुलिस, तस्वीरें
सीने में मारीं तीन गोलियां
पुलिस ने बताया कि मुतल्लिब के सीने में तीन गोलियां मारी गईं। गोलियों की आवाज सुनकर लोग दौड़े लेकिन, तब तक आरोपी हथियार लहराते हुए फरार हो गए। लहूलुहान मुतल्लिब को परिजन और मोहल्ले के लोग उठाकर अस्पताल ले गए। वारदात के बाद मोहल्ले में दहशत है।
पुलिस होती अलर्ट तो बच जाती जान
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि आरोपी पूर्व में भी कस्बे में कई वारदात कर चुके हैं। होटल में तोड़फोड़ और हथियार लहराने के मामले में भी कोई शिकंजा नहीं कसा गया। इससे हत्यारोपियों का हौसला बढ़ गया।
किठौर में खुलेआम वारदात करता रहा शोएब, सोती रही पुलिस
मुतल्लिब की हत्या का मुख्य आरोपी शोएब किठौर में पहले भी कई बड़ी वारदात कर चुका है। पुलिस उस पर शिकंजा कसती तो मुतल्लिब की जान बच सकती थी। शोएब वारदात कर फरार होता रहा और पुलिस सोती रही। चर्चा यह भी है कि शोएब सक्रिय गिरोह चलाता है और उसे एक बड़े नेता का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि पुलिस फिलहाल इससे अनभिज्ञता जता रही है।
शोएब पर करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा मामले बताए जा रहे हैं। मुतल्लिब की हत्या से पहले 29 नवंबर को हापुड़ कोतवाली के मोहल्ला शिव दयालपुरा निवासी ट्रांसपोर्टर शबनूर चौधरी पर उसने एक होटल के शुभारंभ के समय जानलेवा हमला किया था। शोएब ने होटल में गोलियां चलाईं और तोड़फोड़ की। पूरा मामला सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ लेकिन पुलिस ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। क्षेत्र में चर्चा है कि शोएब ने एक दरोगा से भी मारपीट कर मोबाइल छीना था। विरोध करने पर उसने दरोगा पर भी गोली चला दी थी। हालांकि पुलिस ने इस मामले की पुष्टि नहीं की है।
लहूलुहान पड़ा रहा मुतल्लिब
मुतल्लिब के चचेरे भाई बिलाल ने बताया कि शाम को अरसेनी गांव के एक युवक ने फोन कर उसे घर के बाहर बुलाया। इसके बाद मुतल्लिब जल्दी आने की बात कहकर निकल गया। बाइक से वह उसे लेकर बहरोड़ा रोड पहुंचे और किसी बात को लेकर विवाद हुआ और फिर ताबड़तोड़ गोलियां चल गईं। काफी देर तक मुतल्लिब वहीं पड़ा तड़पता रहा। फिर किसी ने उसका झगड़ा होने की सूचना परिजनों को दी और वह उसे ढूंढने निकल गये। काफी दूर ढूंढने के बाद वह एक अंधेरे स्थान पर पहुंचे, जहां मुतल्लिब उन्हें लहूलुहान मिला।
लहूलुहान मुतल्लिब को लेकर दौड़ते रहे परिजन
वारदात के बाद परिजन मुतल्लिब को उठाकर पैदल ही पास के अस्पताल की ओर दौड़े। कोई वाहन भी नहीं था। इसलिए उन्होंने हापुड़ अड्डे की ओर दौड़ लगा दी। यहां से वह उसे एक एंबुलेंस की मदद से मेरठ के न्यूटीमा अस्पताल ले गए। चिकित्सक उपचार शुरू करते उससे पहले ही मौत हो गई। मुतल्लिब की मौत की सूचना मिलते ही काफी लोग अस्पताल पहुंच गये। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे मोर्चरी भिजवा दिया।