मीट फैक्टरी मामले में गैंगस्टर में नामजद पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी को सोनभद्र जेल में शिफ्ट कर दिया गया। उनके बेटे इमरान को बलरामपुर और फिरोज उर्फ भूरा को सिद्धार्थनगर जेल में स्थानांतरित करने के बाद तीनों जेलों की सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। बता दें कि जेल जाने के बावजूद हाजी याकूब कुरेशी का रुतबा कम नहीं हुआ और उनसे मिलने वालों का तांता लगा रहा। मेरठ जेल में मुलाकात करने वालों की संख्या बढ़ने और जेल में अधिक छूट मिलने की सूचनाओं के बीच महानिदेशक कारागार आनंद कुमार ने मेरठ जेल प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद ही तीनों को दूरदराज जेल में भेजने के निर्देश दिए गए। सोमवार शाम सात बजे तीनों को दूसरी जेलों में भेजने का आदेश जेल में पहुंच गया। इसके बाद पुलिस लाइन से फोर्स भेजकर कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें दूसरी जेलों में भिजवाया गया। बताया गया कि इन्हें सामान्य बंदियों की तरह रखा जाएगा।
Meerut: सोनभद्र जाने का फरमान सुन फफक पड़े हाजी याकूब, पुलिस से लगाई ये गुहार, तीनों जिलों में बढ़ी निगरानी
मेरठ जिला जेल में जैसे ही याकूब कुरैशी को जेल बदलने का पता चला तो वह फफक पड़े। वहीं, उनके बेटे भी मायूस हो गए। याकूब को चार प्रदेशों की सीमाओं से घिरे साेनभद्र की जेल भेजा गया है। वहीं उनके बेटे इमरान और फिरोज को नेपाल की सीमाओं के जिलों सिद्धार्थनगर और बलरामपुर की जेल में भेजा गया है। अब तीनों को अलग-अलग जेलों में रहना होगा। जेल से रवानगी के समय याकूब ने यह भी कहा कि उनके साथ गलत हो रहा है। उनका इतना कसूर नहीं है, जितनी सजा दी जा रही है।
रात में करीब 8:30 बजे जेल में याकूब को बताया गया कि उन्होंने सोनभद्र जेल में जाना है। पुलिस के मुताबिक सोनभद्र जाने की बात सुनते ही याकूब पहले चुप हो गए और फिर फफक पड़ें। याकूब ने अपने दोनों बेटों के बारे में पूछा तो सिपाहियों ने बताया कि उनको भी शिफ्ट किया जा रहा है। तीनों पिता-पुत्र रात में मिले और फिर मायूस होकर अलग-अलग वाहनों में बैठकर रात नौ बजे चले गए।
मिलाई वाले पहुंचे, तब पता चला
याकूब और उनके दोनों बेटों से मुलाकात करने वाले परिवार के चार लोग जेल में पहुंचे थे। यह पता लगते परिवार के लोग हैरान रह गए। उन्होंने जेल अधीक्षक और फिर अपने अधिवक्ता से बात की। यह मामला सोशल मीडिया पर छाया रहा।
हाजी याकूब ने पुलिस से लगाई गुहार - दूर की जेल में न भेजो
दूसरी जेल में भेजने का पता लगते ही इमरान की पत्नी दो साल की बच्ची को लेकर यहां एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के ऑफिस पहुंची। महिला ने एसएसपी से गुहार लगाई कि उनके परिवार को दूरदराज जेल में न भेजें। एसएसपी ने कहा कि शासन के निर्देश पर ऐसा हुआ है। वह करीब एक घंटे बाद लौट गई।