विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। दबथुवा में हुई रालोद-सपा की पहली साझा रैली के जरिए अखिलेश-जयंत की निगाह खासकर किसानों और नौजवानों पर रही। उनका दर्द दोनों नेताओं ने बार-बार अपने शब्दों में बयां किया। अपनी सरकार आने पर बदलाव और बेहतरी की उम्मीद भी जगाई। भाजपा पर जमकर तंज कसे। दावा किया कि उनकी सरकार बनने वाली है और लोगों की समस्याओं को वे दूर करेंगे। भाजपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा।
ऐतिहासिक रैली में खूब हुई नारेबाजी: सत्ता की चाह... किसानों-नौजवानों पर अखिलेश-जयंत की निगाह, भाषण में बयां किया दर्द
डिप्टी सीएम पर बोले जयंत... पद की लालसा नहीं
उत्तर प्रदेश में 2022 चुनाव में जीत के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व उप मुख्यमंत्री जयंत चौधरी के सवाल पर जयंत ने जवाब दिया। कहा मुझे इसकी कोई लालसा नहीं है। इतना कहूंगा 2022 की सरकार किसानों व नौजवानों की सरकार होगी।
वहीं अखिलेश ने कहा प्रदेश में किसानों के मुद्दे पर जनता की जो नाराजगी है, भाजपा प्रदेश में चार सौ सीटें भी हार सकती है। लखीमपुर खीरी में भाजपा के गृह राज्य मंत्री के बेटे ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी। मैं पूछना चाहता हूं योगी जी से क्या वो गुंडे नहीं थे?
रैली में टिकट की दावेदारी, खूब हुई नारेबाजी
आगामी 2022 विधानसभा चुनावों को देखते हुए दबथुवा की रैली बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मेरठ की सात सीटों सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से टिकट पाने की होड़ में भावी प्रत्याशी अपने-अपने अंदाज में रैली स्थल पर पहुंचे। टिकट की घोषणा की आस लगाए दावेदार रैली में समर्थकों के साथ शामिल हुए। समर्थकों के सिरों पर लाल, हरी और सफेद टोपी के साथ दावेदारों के नाम और अपने-अपने प्रत्याशियों के बैनर लगे बोर्ड थे। समर्थकों ने अपने प्रत्याशियों के समर्थन में खूब नारेबाजी की।
रैली स्थल टिकट दावेदारों के बड़े-बड़े होर्डिंग से पटा पड़ा था। स्थल पर बड़े कटआउट से लेकर आसमान में दावेदारों के नाम लिखे बड़े गुब्बारे लहरा रहे थे। सिवालखास विधानसभा क्षेत्र के दबथुवा में रैली के आयोजन से यहां टिकट के दावेदारों की संख्या भी अधिक रही। रालोद व सपा से टिकट पाने की होड़ थी, जैसे ही दावेदारों को मंच पर बोलने का आमंत्रण मिला तो समर्थकों ने नारे लगाकर उनका समर्थन किया। हालांकि रैली में टिकट की घोषणा न होने से समर्थक मायूस जरूर हुए। रैली में टिकट की घोषणा सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। जिससे समर्थक और कुछ दावेदार टिकट को लेकर नाम की घोषणा की उम्मीद लगा बैठे।