बेटियों में आत्मविश्वास जगाकर भावनात्मक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से अमर उजाला ने अनूठी पहल ‘कार्यस्थल पर बेटियां’ शुरू की है। वहीं मेरठ शहरवासियों ने मुहिम की सराहना करते हुए इसे अनूठी पहल बताया है। आइए आज हम आपको माता-पिता के साथ बेटियों की रियल मुस्कान वाली कुछ अद्भुत तस्वीरें दिखाने जा रहे हैं। आगे स्लाइडों में देखिए:-
राष्ट्रीय बालिका दिवस: बेटियों की मुस्कान बनेगी अमर उजाला की ये अनूठी पहल, देखें अद्भुत तस्वीरें
आशिमा का कहना है कि बेटी के रूप में घर में लक्ष्मी विराजमान है। बिटिया के चेहरे की मुस्कान हमें शक्ति देती है। तो बिटिया की अटखेलियां देख दिनभर की थकान दूर हो जाती है।
मायरा भटनागर
माता का नाम : आशिमा
स्थान : बिजनौर
...मेरी बेटी मेरा अभिमान
मेरी बेटी मेरा अभिमान है। उसके चेहरे पर हंसी देखकर मेरे चेहरे पर हंसी आ जाती है। उसको किसी बात की परेशानी न हो, इसका मैं हमेशा ध्यान रखता हूं।
पलक कौशिक
पिता : विजय कौशिक
स्थान : स्योहारा, बिजनौर
...वो हंसती है तो जिंदगी बन जाती है
बेटियों से घर में खुशहाली आती है। मुझे खुशी है कि मेरे एक नहीं दो बेटियां है और दोनों ही मेरे दिल के बहुत करीब है। अलमिता की मुस्कुराहट घर में रोनक लेकर आती है।
अलमिता सहगल
पिता : अमित सहगल
स्थान : धामपुर
अरावी भारद्वाज
पिता : अंकुर शर्मा
स्थान : बिजनौर- 6