NIA की दस दिन की रिमांड पर लिया गया नईम आईएस (इस्लामिक स्टेट) के राज खोल रहा है। वेस्ट यूपी में हथियार बनाने और सप्लाई करने वाले का कनेक्शन आईएस से कैसे जुड़ा, इसकी जानकारी जुटाने में एनआईए और एटीएस लगी हुई हैं। नईम और सुहेल को सुरक्षा एजेंसियां दो बार मेरठ, अमरोहा और हापुड़ समेत कई जिलों में ले जाकर जांच पड़ताल कर चुकी हैं।
एनआईए और एटीएस ने नईम निवासी राधना किठौर को तीन जनवरी को मेरठ पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया था। चार जनवरी को एनआईए ने नईम को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर एनआईए को 10 दिन की रिमांड पर नईम मिल गया। नईम पर आरोप है कि उसने हापुड़ निवासी अपने रिश्तेदार के जरिये अवैध पिस्टल आईएस के एजेंटों को बेची थी। नईम का कनेक्शन आईएस से जुड़ने पर एनआईए और एटीएस गंभीर हो गईं।
पांच जनवरी को एनआईए नईम को लेकर राधना पहुंची, जहां जंगल स्थित एक बाग में सर्च ऑपरेशन किया। नईम के साथ अमरोहा का सुहेल भी था, जो आईएस से पहले से जुड़ा बताया गया। पुलिस ने कहा कि सुहेल की मेरठ के हथियार सप्लायरों के बीच घुसपैठ थी। वे हथियार खरीदने वालों को ट्रेनिंग राधना के जंगल में देते थे। दोनों को एनआईए हापुड़ लेकर गई। वहां भी कई जगहों दबिश दी। नौ जनवरी को अमरोहा ले जाकर एनआईए ने जांच की।
तीन दिन बची रिमांड
सुरक्षा एजेंसियों ने आईएस से जुड़े संदिग्ध पांच लोगों को रिमांड पर लिया था। नईम और सुहेल दस दिन की रिमांड पर हैं, जबकि तीन की रिमांड पांच दिन की मिली। नईम और सुहेल की रिमांड के तीन दिन और बचे हैं, जिनमें एनआईए उनके बताए ठिकानों पर छापेमारी करेगी। एनआईए एक और बार नईम व सुहेल को लेकर मेरठ के राधना में आ सकती है। दोनों आरोपियों ने अपने गांव के ही मतलूब और आरिफ का नाम भी बताया था। उनकी तलाश में फिर से दबिश दी जा सकती है।
सप्लायरों की कुंडली खंगाली
सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में नईम और सुहेल ने मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर, अमरोहा आदि के दर्जनों हथियार सप्लायरों के नाम बताए, जिनकी कुंडली सुरक्षा एजेंसियां खंगाल रही हैं। एजेंसियों ने पुलिस से भी इनके बारे में जानकारी मांगी, जिसमें पता चला कि पुलिस सिर्फ कारीगरों को जेल भेजती है। अब एजेंसियों ने सप्लायरों की भी तलाश शुरू कर दी है।