मेरठ में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण का आरोपी पारस सोम शनिवार को गलत ट्रेन में बैठ गया था। उसने टपरी जंक्शन से निकलने पर ट्रेन में एक यात्री का मोबाइल लेकर गांव में अपने दोस्त को फोन किया था। उसने गांव का हाल जाना और कहा कि वह जिस ट्रेन में है वह सहारनपुर के बजाय रुड़की जा रही है।
यह कॉल सर्विलांस टीम भी सुन रही थी। टीम ने मेरठ पुलिस को सतर्क किया और सहारनपुर पुलिस को भी लगाया गया। इसके बाद रुड़की गंगनहर थाना पुलिस की मदद से पुलिस ने पारस सोम को रुड़की स्टेशन पर ट्रेन से ही गिरफ्तार कर लिया। रूबी भी उसके साथ ही मिली।
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रूबी और आरोपी पारस सोम का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आठ जनवरी को पैदल ही कपसाड़ से गए थे दोनों
दोनों बिना टिकट ही ट्रेन में सवार हुए थे। पुलिस की पूछताछ के अनुसार, दोनों वारदात के दिन आठ जनवरी को पैदल ही कपसाड़ से गए थे। जंगलों के रास्ते वो सड़क पर पहुंचे। वहां से एक बाइक सवार से लिफ्ट लेकर खतौली पहुंचे।
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आरोपी पारस सोम का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पारस ने रिश्तेदार से लिए कुछ रुपये
पारस ने खतौली में अपने रिश्तेदार से कुछ रुपये लिए और वहां से नागल क्षेत्र में अपनी बहन के यहां जाने की तैयारी की। रिश्तेदार ने बताया कि वहां पुलिस है। बड़गांव में भाई की ससुराल और हापुड़ में मौसी के यहां भी पुलिस पहुंची है।
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रूबी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली जाने के लिए शाहदरा से हरिद्वार पैसेंजर ट्रेन में बैठे
हरियाणा के जींद में रहने वाले रिश्तेदार के यहां भी पुलिस पहुंच गई है। इसके बाद पारस और रूबी दिल्ली गए। वहां पर वे भटकते रहे। शनिवार को दोनों फिर से खतौली जाने के लिए शाहदरा से हरिद्वार पैसेंजर ट्रेन में बैठ गए मगर यह ट्रेन मेरठ-खतौली के बजाय वाया बड़ौत-शामली से टपरी जंक्शन होकर हरिद्वार जाती है। जब ट्रेन शामली मार्ग पर चली तो पारस सोम को गलत ट्रेन में बैठने का पता चला।
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गांव कपसाड़ में गालियों व रास्तों पर तैनात पुलिस को दिशा निर्देश देते एसपी देहात अभिजीत कुमार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की स्टेशन पर पुलिस को सफलता मिली
इसके बाद उसने अपने दोस्त को फोन किया। सर्विलांस के जरिये पुलिस सक्रिय हो गई। जानकारी करने पर पता चला किट्रेन संख्या 14305 हरिद्वार पैसेंजर टपरी से निकली है। पुलिस ने घेराबंदी की, चूडियाला में सहारनपुर पुलिस पहुंची मगर तब तक ट्रेन वहां से चल दी थी। इसके बाद रुड़की स्टेशन पर पुलिस को सफलता मिल गई।