मेरठ में नौ जुलाई को कलक्ट्रेट के सामने जाम लगाकर पुलिस पर हमला करने के अज्ञात आरोपियों की पहचान के प्रयास पुलिस ने तेज कर दिए हैं। रविवार देर रात तक पांच घंटे प्रोजेक्टर पर जाम के दौरान की वीडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया के वीडियो देखे गए। इसमें लिसाड़ी के रहने वाले सागर समेत तीन और आरोपियों की पहचान हुई है।
सागर जनवरी माह में नगीना सांसद चंद्रशेखर के करीबी संजय हरित पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था। टीपीनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली अनुसूचित जाति की बीए अंतिम वर्ष की छात्रा 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। 16 मई को परिजनों ने टीपीनगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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हत्याकांड को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर धरना देते व जाम लगाते दलित समाज के लोगो को फ़ोर्स के साथ एसएसपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
17 मई को छात्रा का शव रोहटा थाना क्षेत्र के गांव स्थित ईख के खेत से बरामद हुआ था। इस मामले में पुलिस ने रोहटा के ही कल्याणपुर गांव के अंकुश चौधरी को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि छात्रा और अंकुश चौधरी एक-दूसरे को पहचानते थे। छात्रा और अंकुश के एक बाइक पर बैठे हुए 15 मई का फुटेज भी पुलिस को मिला था। अंकुश चौधरी ने ही छात्रा की हत्या की थी।
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पुलिस ने इस मामले में साक्ष्य छिपाने के आरोप में अंकुश के भाई पीएसी के सिपाही अंकित और खेत मालिक आदेश को भी गिरफ्तार किया था। अंकुश अभी जेल में है लेकिन अंकित और आदेश को जमानत मिल गई थी। परिजन सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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परिजन के साथ बड़ी संख्या में जिले व गैरजनपद के लोग नौ जुलाई को पहले कमिश्नरी और फिर कलक्ट्रेट के बाहर पहुंचे और तीन घंटे तक मार्ग पर जाम लगाए रखा। इनमें कई अराजकतत्व भी शामिल हो गए थे। इनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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महिला दरोगा और सिपाही पर अश्लील कमेंट किए
आरोप था कि पुलिस ने इन्हें समझाने का प्रयास किया तो इन्होंने पुलिस पर हमला किया। एक महिला दरोगा और सिपाही पर अश्लील कमेंट किए। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि वीडियो के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है। कुछ आरोपियों की पहचान हुई है। अन्य की भी पहचान व गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।