मेरठ में शनिवार को मोर्हरम की सातवीं तारीख पर शहर में कदीमी जुलूस और मजलिसों का दौर जारी रहा। जैदी फार्म, लोहिया नगर में हजरत इमाम हुसैन और शोहदा-ए-कर्बला की याद में मजलिसें हुईं। जिसमें हजरत इमाम हुसैन के बेटे हजरत कासिम की शहादत बयां की गई और 71 जानिसारों के दीन-ए-इस्लाम बचाने को लेकर शहादत के बारे में बताया।
रामबाग कॉलोनी स्थित सैयद बाकर जैदी के अजाखाने में ईरान से आए मौलाना सैयद अम्मार हैदर रिजवी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि हजरत इमाम हुसैन से यजीद की हुकूमत को कोई खतरा नहीं था। क्योंकि उनकी हुकूमत करने की ख्वाहिश नहीं थी। यजीद इमाम हुसैन से इसलिए बेअत (आधीनता) चाहता था। ताकि इमाम हुसैन, यजीद के हर गैर इस्लामी बेजा अमल को तसलीम कर लें और असल दीन-ए-इस्लाम को मिटाया जा सके। हजरत इमाम हुसैन ने दीन-ए-इस्लाम को बचाने के लिए तीन दिन भूखा-प्यासा रहकर अपनी और 71 जानिसारों की कुर्बानी पेश की। खुर्शीद अकबर जैदी ने सौजख्वानी की।
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मोहर्रम पर मातम करते शिया समुदाय के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
मजलिस के बाद जुलूस-ए-अलम हजरत-ए-अब्बास गमगीन माहौल में बरामद हुआ। जिसमें जावेद रजा बाशु, शाहनवाज हुसैन, अर्शी नकवी आदि ने पुरसौज नौहे पढ़कर हुसैनियत का पैगाम दिया। बड़ी संख्या में हुसैनी सौगवारों ने मातमपुर्सी की।जुलूस कौमी एकता मार्ग, शाहजलाल हॉल से होता हुआ जैदी नगर सोसायटी स्थित इमामबारगाह पंजेतनी पहुंचकर संपन्न हुआ।
इस दौरान जुलूस में डॉ. रिहान जैदी, सगीर जैदी, सुहेल जैदी की व्यवस्था रही। इसके अलावा शहर छत्ता अलीरजा वैली बाजार में रात आठ बजे जुलजुनाह का जुलूस बरामद हुआ, जिसमें अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू, चांद मियां, रविश, मीसम व विभिन्न अंजुमनों के नौहेख्वानों ने गमगीन नौहे पढ़े और हुसैनी सौगवारों ने मातम किया। जुलूस वैली बाजार से गुजरता हुआ मनसबिया घंटाघर पहुंचकर संपन्न हुआ।
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मोहर्रम पर मातम करते शिया समुदाय के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
कई स्थानों से बरामद होंगे अलम
मोहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी ने बताया कि आठ मोहर्रम को विभिन्न स्थानों से जुलूस-ए-अलम बरामद होंगे। मौलाना अफजाल हुसैन के अजाखाने कोठी अतानस से शाम 6 बजे काजिम हुसैन के अजाखाने हुसैनाबाद से तथा अजाखाना शायक अली कोटला से रात आठ बजे अलम-ए-मुबारक के जुलूस बरामद होंगे।
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मुहर्रम 2022
- फोटो : अमर उजाला
शिया सौगवारों ने मनाया मातम
मेरठ के अब्दुलापुर में मोहर्रम की सात तारीख को मजलिसों का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया। ख्वातिन महिलाओं की एक मजलिस अजाखाना अनीस अब्बास के मकान पर मोहल्ला कोट में हुई। बड़ी मजलिस हाजरी अजाखाना मरहूम अकबर अली के मकान पर हुई। मरसिया मंजूर असगर में मजलिस को हाफिज मौलाना मुजीबउल हसन आब्दी ने खिताब किया। जौहर की नमाज के बाद कदीमी जुलूस-ए-जुलजनाह हजरत इमाम हुसैन कोट इमामबारगाह नकवी सादात से बरामद हुआ। यहां मरसिया पढ़ा गया। मौहम्मद अब्बास, नवाब अली, अली जव्वाद ने कदीमी नौहा पढ़ा। कोटला निवासी बालक मोहम्मद जमा हैदर जैदी ने भी इमाम हुसैन की याद में मातम मनाया।
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मोहर्रम पर मातम करते शिया समुदाय के लोग।
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अब्दुल्लापुर में सौगवारों ने की मातमपुर्सी
मेरठ के अब्दुल्लापुर में मोहर्रम की सात तारीख को जुलूस-ए-जुलजनाह निकाला गया। जिसमें हजारों सौगवारों ने मातमपुर्सी की। इस मौके पर भारी पुलिस बल के साथ-साथ ड्रोन कैमरों से जुलूस की निगरानी की गई। ताकि कोई भी शरारती तत्व माहौल खराब करने का प्रयास न कर सके। जुलूस-ए-जुलजनाह के दौरान एसपी देहात केशव कुमार, मुंडाली, सरूरपुर, बहसूमा, गंगानगर व भावनपुर थाना प्रभारी के साथ दो प्लाटून पीएसी, दो क्यूआरटी, एलआईयू सीओ, सीओ सदर देहात के साथ पुलिस-बल मौजूद रहा।