मेरठ में बुधवार रात को एक व्यापारी ने थाने के भीतर आत्मदाह की कोशिश की। थाने के गेट पर आग लगाकर व्यापारी रंजीत अपनी बाइक पर बैठा और स्पीड बढ़ाकर बाइक समेत थाने में घुस गया। व्यापारी और बाइक में आग की लपटें देखकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मी दौड़े। थाने में अफरातफरी मच गई। कई पुलिसकर्मी तो थाने से भाग गए। वहीं व्यापारी बाइक समेत नीचे गिर गया।
इंस्पेक्टर साहब मरने जा रहा हूं..., और आग लगाकर थाने में जा घुसा व्यापारी रंजीत सिंह
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24 घंटे में मांगी रिपोर्ट
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि इस प्रकरण की जांच एसपी सिटी को सौंपते हुए 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इंस्पेक्टर साहब मरने जा रहा हूं...
व्यापारी रंजीत सिंह इंस्पेक्टर टीपीनगर के मोबाइल पर मैसेज कर रहा था कि सर मेरी कॉल तो रिसीव कर लो। लेकिन उसके बाद भी इंस्पेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया।
दिन भर थाने के चक्कर काटने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो व्यापारी यह सोचकर रात को थाने पहुंचा कि शायद अब इंस्पेक्टर या विवेचक से मुलाकात या बात हो जाए। लेकिन उसके बाद भी पुलिस ने थाने में व्यापारी से अभद्रता की। उसके बाद व्यापारी ने इंस्पेक्टर को मैसेज करके चेतावनी दी कि वह पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग लगा लेगा।
चेतावनी देता रहा, नहीं मिला इंसाफ
व्यापारी रंजीत को मुकदमा दर्ज कराने के लिए पहले टंकी पर चढ़कर जान देने की चेतावनी देनी पड़ी तो अब मुकदमा दर्ज होने के बाद कार्रवाई के लिए खुद को आग के हवाले करना पड़ गया। उसके बाद ही पुलिस महकमे की आंखें खुलीं। इसको लेकर लोगों में गुस्सा है।
पुलिस ने अगर शुरुआत में ही पीड़ित की शिकायत सुनकर उसका निस्तारण कर लिया होता तो शायद उसे मौत से लड़ना न पड़ता। इस मामले में टीपीनगर पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है।
बर्बाद हो गया व्यापारी
व्यापारियों ने बताया है कि रंजीत की बैंक ने गोपनीय जानकारी लीक कर दी थी, जिसके बाद से उसका व्यापार चौपट हो गया। जिसके चलते व्यापारी का परिवार बर्बाद हो गया है।
कारोबार ठप होने के चलते परिवार में भी विवाद रहने लगा। इसको लेकर व्यापारी तनाव में था। पुलिस की फटकार के बाद उसने ऐसा कदम उठाया।