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Triple Murder: गुदड़ी बाजार...नाम के पीछे दो कहानियां, अब तिहरे हत्याकांड से बदनाम

Tue, 06 Aug 2024 09:56 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Tue, 06 Aug 2024 09:56 AM IST
सार

तिहरे हत्याकांड में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद गुदड़ी बाजार फिर सुर्खियों में है। कम ही लोग जानते हैं कि गुदड़ी बाजार का नाम गुदड़ी बाजार क्यों पड़ा। इसके पीछे भी दो कहानियां हैं।

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Meerut: Guddi Bazaar...two stories behind the name, now infamous due to triple murder
गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

तिहरे हत्याकांड में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद गुदड़ी बाजार फिर सुर्खियों में है। कम ही लोग जानते हैं कि गुदड़ी बाजार का नाम गुदड़ी बाजार क्यों पड़ा। इसके पीछे भी दो कहानियां हैं।



गुदड़ी बाजार के रहने वाले 75 साल के मुंशी इस्लामुद्दीन गाजी बताते हैं कि यहां बड़े-बड़े चबूतरे थे। शहर का यहां मुख्य बाजार था। घंटाघर इसके बाद बना। यहां किला था और किले के नीचे बाजार लगता था। पहली कहानी यह है कि इसको लोग गुजरी बाजार कहते थे। दरअसल, यहां नालों पर बने चबूतरों पर गुर्जर समुदाय की महिलाएं देसी घी बेचने के लिए मटके लाती थीं। इसलिए लोग आम बोलचाल में इसे गुजरी बाजार कहते थे। 

उन्होंने बताया कि दूसरी कहानी यह है कि यहां रजाइयों में भरी जाने वाली रूई की गुदड़ी का काम होता था। गुदड़ी बिकती थी। इस वजह से कुछ लोग इसे गुदड़ी बाजार कहते थे। दोनों नाम मिलते-जुलते थे, लिहाजा बाद में गुदड़ी प्रचलन में ज्यादा रहा। हालांकि अब तिहरे हत्याकांड की वजह से इसे ज्यादा जोड़कर देखा जाता है।

Meerut: Guddi Bazaar...two stories behind the name, now infamous due to triple murder
सजा मिलने के बाद भी हत्यारों के चेहरे पर शिकन नहीं थी। - फोटो : Amar ujala

हत्यारों के चेहरों पर अफसोस नहीं, शीबा रोती रही
फैसला सुनाए जाने के बाद जब पुलिस हत्यारों को जेल लेकर जा रही थी तो उनके चेहरों पर कोई अफसोस नहीं दिख रहा था। कई हत्यारों के चेहरे पर खुशी थी। वे मुस्कुरा रहे थे। शीबा सिरोही फैसले के बाद से रोती रही। शीबा को छोड़कर किसी हत्यारे के चेहरे पर शिकन नहीं थी।

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जेल जाते समय चेहरे पर कोई गम दिखाई नहीं दिया। - फोटो : Amar ujala
सभी धाराओं में हुई सजा
आरोपियों पर पुलिस ने चार्जशीट में जो धाराएं लगाई थीं, उन सभी में अलग-अलग सजा मिली। कोई सा ऐसा चार्ज नहीं रहा, जिसमें उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया हो।

 
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कोर्ट के फैसले के समय गुदड़ी बाजार में तैनात पुलिस फोर्स - फोटो : Amar ujala

कचहरी में सुरक्षा चाक-चौबंद, गुदड़ी बाजार में तैनात रही फोर्स
तिहरे हत्याकांड के दोषियों को सजा सुनाए जाने के मद्देनजर सोमवार को कोर्ट में सुरक्षा चाक-चौबंद रही। एहतियातन गुदड़ी बाजार में भी पुलिस बल तैनात किया गया। सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार और सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी के साथ कई थानों की फोर्स कोर्ट परिसर में तैनात रही। पीएसी के जवान और क्यूआरटी को भी कोर्ट परिसर में लगाया गया था।

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गुदड़ी बाजार का वह चबूतरा, जहां हत्याकांड को अंजाम दिया गया। - फोटो : Amar ujala

हवालात के आसपास भी काफी फोर्स मुस्तैद रहा। सभी मुजरिमों को सुरक्षा घेरे में अदालत में लाया गया। इस दौरान अदालत के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। कोर्ट के फैसला सुनाते ही पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया। इसके बाद एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह भी कोर्ट पहुंचे।

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