सर, गुड मॉनिंग... मैं इंडिया एयरलाइंस से ऐश्वर्या बोल रही हूं। आपने एयरलाइंस में एग्जीक्यूटिव की जॉब के लिए फाउंडिट कंपनी में आवेदन किया था। दूसरी तरफ से आवाज आती है जी मैम। फिर ऐश्वर्या पढ़ाई की जानकारी लेकर आवेदक की कॉल मोहित शर्मा को फॉरवर्ड कर देती हैं। मोहित आवेदक का ऑनलाइन इंटरव्यू लेकर ऑफिस में ही रंजन कुमार को बॉस बताकर कॉल फॉरवर्ड करता था। जॉब के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर दो से चार हजार रुपये तक आवेदक से बैंक खाते में डलवा लिए जाते थे और फिर उसका नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल देते थे।
PHOTOS: लड़की की मीठी आवाज, खुले ठगी के बड़े राज, आरोपियों की प्रोफाइल से हर कोई हैरान, ऐसे कमाते थे लाखों
कंपनी से खरीदते थे बेरोजगारों का डाटा
इंडिगो, एयरलाइंस, एयरपोर्ट अथॉरिटी, अस्पताल, देश-विदेश में नौकरी के लिए बेरोजगार युवक-युवती फाउंडिट कंपनी सहित नेशनल और मल्टीनेशनल कंपनियों में आवेदन करते हैं। कंपनी के कर्मचारी से सांठगांठ करके यह गिरोह बेरोजगारों का डाटा खरीदता था। प्रत्येक आवेदक का डाटा पांच रुपये के हिसाब से खरीदा जाता था। कॉल सेंटर से लड़कियां आवेदक को कॉल या ई-मेल कर संपर्क कर ठगी कर लेती थी। मेरठ में दो साल में दिल्ली, पश्चिम बंगाल, कोलकाता, केरल, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों और दूसरे देशों के लोगों से भी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर चुके हैं।
85 हजार खर्च कर 14 लाख कमाता था गिरोह
गिरोह का सरगना जानी क्षेत्र के नेक गांव का बीसीए पास अनुज पूनिया है। करीब दो साल पहले अनुज की मुलाकात आरओ बनाने वाली कंपनी में जॉब करने वाले मुजफ्फरपुर, बिहार निवासी रंजन कुमार से हुई। दोनों ने मिलकर नोएडा में जॉब सेंटर खोला और बेरोजगारों को ठगना शुरू किया। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद समेत कई कंपनियों के कर्मचारियों से संपर्क किया। अगस्त 2020 में अनुज ने यहां तेजगढ़ी चौराहे के पास ऑफिस खोल लिया। छह लड़की, चार लड़कों को आठ-आठ हजार रुपये वेतन देकर कॉल सेंटर में बेरोजगारों को कॉल कराई जाती थी। एक युवक 30 से ज्यादा कॉल करता था। रोज कम से कम 10 लोगों से ठगी होती थी। आरोपियों ने बताया कि कॉल सेंटर में प्रतिमाह 85 हजार खर्च कर करीब 13-14 लाख की ठगी करते थे।
ऑफिस में अनुज और रंजन थे बॉस
ठगी का ऐसा जाल, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। शानदार ऑफिस, जिसमें काम करने वालों को भी ठगी का पता नहीं। ऑफिस में अनुज पूनिया, रंजन बॉस थे। दिनभर लड़कियां मीठी आवाज में बेरोजगारों को कॉल करती थी। ऑफिस के बाहर कोई बोर्ड भी नहीं था। आवेदक को पता नहीं था कि वह कौन से ऑफिस में बात कर रहे हैं। सब कुछ ऑनलाइन था। इंटरव्यू से लेकर वेतन तक ऑनलाइन ही तय होता था। आवेदक ने जैसी नौकरी पाने के लिए आवेदन किया है, उससे वैसी ही बात करने की कला भी इस गिरोह में थी। यह पढ़े-लिखे युवकों का गिरोह है।
ऐसे खुला फर्जीवाड़ा
कॉल सेंटर में रोजाना 45-50 हजार रुपये ठगी का औसत आता था। सरगना अनुज पूनिया और रंजन कुमार में बंटवारे को लेकर विवाद होने लगा। नवंबर 2022 में रंजन ने नारायण केला से दोस्ती कर ली। नारायण अक्सर अनुज के पास कंप्यूटर ठीक करने आता था। नारायण ने शास्त्रीनगर स्थित भूतनाथ चौराहे के पास एक कांप्लेक्स में किराये पर ऑफिस ले लिया। जहां पर रंजन, नारायण और मोहित शर्मा ने नया ऑफिस खोला। इसी बात को लेकर अनुज पूनिया ने इस कॉल सेंटर की पोल खोल दी। बताया कि अनुज भी रंजन को धमकाकर नए ऑफिस से भी ठगी का पैसा लेता था। एसटीएफ की पूछताछ में रंजन, नारायण और मोहित ने सारी कहानी बता दी। अनुज की तलाश में एसटीएफ लगी है।