दिल्ली रोड पर एक कंटेनर चालक ने बुधवार रात को ऐसा खूनी खेल खेला कि जो भी सामने आया उसे ही रौंदता चला गया। नशे में धुत कंटेनर चालक ने एक-दो नहीं बल्कि डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों को कुचल डाला। जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आगे देखिए हादसे की दर्दनाक तस्वीरें :-
'मौत' बनकर 100 की स्पीड पर दौड़ता रहा कंटेनर, दर्जनों को कुचला, 5 की मौत, देखें दर्दनाक तस्वीरें
मेरठ में दिल्ली रोड पर बुधवार देर रात पांच लोगों की मौत को भले ही सड़क हादसा कहा जाए। लेकिन यह बेरहम व्यवस्था का कत्ल है। डेढ़ घंटे तक घायल गाड़ी के नीचे शहर के बीचोंबीच तड़पते रहे और सरकारी तंत्र गायब रहा। यदि यह आला अफसर तत्काल मौके पर पहुंच जाते तो दो लोगों की जान बच सकती थी।
गनीमत रही कि यह बेकाबू कंटेनर जिस समय दिल्ली रोड पर शॉप्रिक्स मॉल की तरफ से शहर में घुसा तो उस समय तक दिल्ली रोड की अधिकांश दुकानें बंद हो जाती हैं। दिल्ली रोड पर वाहनों का आवागमन भी कम हो जाता है। लोगों का कहना है कि शॉप्रिक्स चौराहे पर सीओ ब्रह्मपुरी ऑफिस के बाहर बैरियर लगाकर चेकिंग की जाती है। लेकिन रात के दस बजते ही शहर की सड़कों से पुलिस गायब हो गई। यदि चेकिंग हुई होती तो कंटेनर के चालक को पकड़ा जा सकता था। यही वजह रही कि पुलिस के शॉप्रिक्स चौराहे से गायब होने पर चालक ने कंटेनर शहर की तरफ दौड़ा दिया।
इरा मॉल पर दो की मौत
इस कंटेनर ने दिल्ली चुंगी से करीब 150 मीटर पहले मीट की गाड़ी समेत कई वाहनों में टक्कर मारी। इससे पहले इरा मॉल के पास इसी कंटेनर ने दो लोगों को रौंद दिया। जिनकी मौके पर मौत हो गई। वहीं कई घायल हो गए तो फुटबॉल चौराहे पर कई रिक्शा चालक और लोग इस कंटेनर की चपेट में आ गए।
व्यवस्था ही नहीं थी
घायल मौके पर तड़पते रहे। लेकिन उन्हें कंटेनर के नीचे से निकालने की कोई व्यवस्था नहीं थी। जबकि घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर के दायरे में टीपीनगर, ब्रह्मपुरी, रेलवे रोड और देहली गेट थाने के अलावा घंटाघर पर एसपी सिटी कार्यालय और नगर निगम का ऑफिस है। रात करीब 12:20 बजे जेसीबी बुलाई गई। कड़ी मशक्कत के बाद जब तक घायलों को निकाला गया, दो लोगों की तड़पकर मौत हो चुकी थी। यदि शहर के बीचोंबीच किसी बड़े वाहन के नीचे फंसे घायलों को निकालने में डेढ़ घंटे से अधिक समय लग जाए तो साफ है कि सिस्टम पूरी तरह पटरी से उतर चुका है।