यूपी में एक तरफ जहां आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सरगरमियां तेज हो गई हैं। वहीं असामाजिक तत्वों द्वारा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी में माहौल बिगाड़ने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।धार्मिक स्थल पर आगजनी के बाद मेरठ में कई तरह की अफवाहें फैला दी गई। जिसकी वजह से शहर के हालात बिगड़ गए। मेरठ में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। आगे जानिए, आखिर क्या है बवाल की असली वजह: -
मेरठ जिले में बुधवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस का स्थानीय लोगों ने विरोध कर दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद भीड़ ने पुलिस के साथ हाथापाई कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो लोगों ने फायरिंग करते हुए पुलिसकर्मियों से वायरलेस और हथियार छीन लिए। आक्रोशित भीड़ ने रोडवेज बसों सहित कई वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए पुलिस अधिकारियों को दौड़ा दिया।
इस दौरान मेरठ सदर थाना क्षेत्र के भूसा मंडी स्थित बाघ वाला में धार्मिक स्थल पर आगजनी के अलावा और भी कई अफवाहें फैलने से भारी भीड़ जमा हो गई। वहीं आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर फायरिंग और पथराव कर दिया। गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में ही बस अड्डा भी है जहां से दिल्ली व देहरादून के लिए बसों की आवाजाही रहती है। बवाल में शामिल लोगों ने इन बसों को भी शिकार बनाया।
सड़क से गुजरती कई बसों के शीशे फोड़े गए और उन पर पथराव किया गया। यही नहीं भीड़ ने बस चालकों के साथ मारपीट की और बस में सवार लोगों से लूटपाट की। इस दौरान कई यात्रियों को काफी चोटें आई हैं। वहीं बवाल की खबर सुनते ही शहर के अधिकतर व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर गिराने शुरू कर दिए।
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मेरठ बवाल
- फोटो : अमर उजाला
देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि लोगों ने कई वाहनों में आग लगा दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की। वहीं पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।