मेरठ में एक परिवार की तीन लड़कियों की अर्थियां उठीं तो कोहराम मच गया। परिजन रोते-रोते बेहाल हो गए। बुजुर्ग पिता बेटी को मुखाग्नि देते हुए बिलख पड़े। दोनों मासूम बच्चियों को श्मशान घाट में दफनाया गया।
बता दें कि बुधवार सुबह खाटू श्याम के दर्शन से लौटते वक्त हरियाणा के झज्जर जिले में भीषण हादसे में कंकर खेड़ा की न्यू गोविंदपुरी पीर वाली गली निवासी प्रदीप कुमार कश्यप (64) की बेटी अंजलि (24), नातिन तृषा (4) और आयु (2) की मौत हो गई थी। बेटी कीर्ति गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
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गमजदा परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, बृहस्पतिवार सुबह तीनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया तो चीत्कार मच गया। अंजलि की माता रमा देवी बेहोश हो गईं। आयु और तृषा के पिता विकास बेटियों के शवों से लिपटकर उन्हें आवाज देते रहे। कहते रहे कि मैं अब किसके सहारे जिऊंगा। वो विलाप करते रहे कि मां अस्पताल में जिंदगी से जूझ से रही है। दोनों बेटियां चली गईं।
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जांच करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
अंजलि के पिता भी बेसुध हो गए। वे रोते हुए बस यही कहते रहे कि अंजलि तो बेटे की तरह सारा फर्ज निभाती थी। अब कौन उनकी देखभाल करेगा। बुजुर्ग माता-पिता शवों से लिपटकर बिलखते रहे। तीनों शवों को श्मशान घाट ले जाया गया तो पूरा मोहल्ला रो पड़ा। प्रदीप कुमार ने अंजलि को मुखाग्नि दी।
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
उधर, दोनों बच्चियों के शवों को श्मशान घाट में दफनाया गया। दोनों बच्चियों के पिता विकास रोते हुए बस यही कहते रहे कि उन्हें क्या पता था कि खाटू श्याम के दर्शन करने जा रहे परिवार पर इतना बड़ा कहर टूटेगा।
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
कीर्ति दोनों बेटियों को कर रही याद
परिजनों के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह कीर्ति को कुछ देर के लिए होश आया था। उसने होश में आते ही बेटी तृषा, आयु और बहन अंजलि के बारे में पूछा। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे कुछ नहीं बताया गया। इसके बाद वह बेहोश हो गई। उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।